
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और एससी वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश

शिवपुरी, 21 जुलाई (सद्वार्ता)। मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने अपने दो दिवसीय शिवपुरी प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को जिला पंचायत में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ग्रामीण विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में डॉ. कैलाश जाटव ने अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के स्व-सहायता समूहों की स्थिति, बैंक लिंकेज, रिवॉल्विंग फंड और लोक अधिकार केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को स्वीकृत एवं निर्मित आवासों की स्थिति, वीबी-जीरामजी योजना के तहत एससी वर्ग को मिल रहे रोजगार तथा बारिश से पूर्व अनुसूचित जाति बस्तियों में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी प्राप्त की।
आयोग अध्यक्ष ने अनुसूचित जाति बस्तियों में सड़क, बिजली, पेयजल, नल-जल निकासी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं और अब तक किए गए विकास कार्यों की भी समीक्षा की।
बैठक में डॉ. कैलाश जाटव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्व-सहायता समूहों का डेटा लगातार अपडेट रखने, समूहों से जुड़ने से पहले और बाद की आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए ‘बिफोर एंड आफ्टर आय रिपोर्ट’ तैयार करने तथा समूहों के उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग एवं मार्केटिंग व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों की जानकारी हितग्राहियों तक पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से पहुंचाने के लिए पत्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही वीबी-जीरामजी योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के श्रमिकों को कम रोजगार मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए रोजगार प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए।
डॉ. जाटव ने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, पेयजल व्यवस्था और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने अनुसूचित जाति बस्तियों का नियमित सर्वे कर डेटा अपडेट रखने, जनपद सीईओ को 15 दिवस के भीतर सड़क, बिजली, पानी, नल-जल निकासी सहित विकास कार्यों की रिपोर्ट आयोग को भेजने तथा एसडीएम एवं सीईओ को संयुक्त बैठक कर एससी वर्ग से जुड़े लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।


