Thursday, July 23

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बिना फोन छुए भी खत्म हो रही थी बैटरी, बदली 4 जरूरी सेटिंग्स, अब मिल रहा जबरदस्त बैकअप
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बिना फोन छुए भी खत्म हो रही थी बैटरी, बदली 4 जरूरी सेटिंग्स, अब मिल रहा जबरदस्त बैकअप

    नई दिल्ली, 22 जनवरी: आजकल स्मार्टफोन का सबसे बड़ा झंझट है – बिना इस्तेमाल के भी बैटरी का तेजी से गिरना। ऐसा कुछ समय पहले मेरे फोन के साथ भी हो रहा था। रातभर फोन टेबल पर पड़ा रहने के बावजूद उसकी बैटरी 10-20% गिर जाती थी। लेकिन कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर और फीचर्स ऑप्टिमाइज़ करके मैंने इस समस्या का समाधान पाया।   बैकग्राउंड ऐप्स को रोका   सबसे पहला कदम था उन ऐप्स को पहचानना जो बैकग्राउंड में लगातार चलकर बैटरी खर्च कर रहे थे। मैने सेटिंग्स में जाकर एक-एक ऐप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित किया। अब ये ऐप्स सिर्फ तभी सक्रिय होते हैं जब मैं उनका इस्तेमाल करता हूं। इसके बाद मेरी बैटरी ड्रॉप होना काफी हद तक रुक गया।   ऑटोमैटिक ब्राइटनेस चालू रखा   शुरू में मैंने सोचा कि ऑटोमैटिक ब्राइटनेस बंद करना बैटरी बचाएगा। लेकिन इसका उल्टा असर हुआ। फोन अपन...
अमेरिका के खिलाफ डेनमार्क की जनता का ‘डिजिटल युद्ध’: रातों-रात नंबर-1 बने एंटी-US ऐप, अमेरिकी सामान का चुन-चुनकर बहिष्कार
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अमेरिका के खिलाफ डेनमार्क की जनता का ‘डिजिटल युद्ध’: रातों-रात नंबर-1 बने एंटी-US ऐप, अमेरिकी सामान का चुन-चुनकर बहिष्कार

  डेनमार्क, 22 जनवरी: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच बढ़ते विवाद का असर अब आम जनता तक पहुँच गया है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोग सड़कों पर विरोध करने की बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। वहां ऐप स्टोर पर अचानक एंटी-अमेरिका मोबाइल ऐप्स की मांग बढ़ गई है।   डेनमार्क में बढ़ा 'एंटी-US' ऐप का क्रेज   ऐसे ही दो ऐप्स, ‘NonUSA (UdenUSA)’ और ‘Made O’Meter’, डेनमार्क में अचानक पॉपुलर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, NonUSA ऐप 9 जनवरी को 441वें स्थान पर था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह नंबर-1 ऐप बन गया। वहीं, Made O’Meter ऐप चार्ट में चौथे स्थान पर पहुंचा। ये ऐप्स अमेरिकी प्रोडक्ट्स की पहचान कर उनके बहिष्कार में मदद करते हैं।   एंटी-US ऐप्स कैसे काम करते हैं?   इन ऐप्स की खासियत है कि वे बारकोड स्कैन करके बताते हैं कि कोई प्रोडक्ट अमेरिकी है या न...
6GHz बैंड पर बड़ा फैसला: भारत में घरों की इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी, WiFi 7 राउटर होंगे उपलब्ध
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6GHz बैंड पर बड़ा फैसला: भारत में घरों की इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी, WiFi 7 राउटर होंगे उपलब्ध

नई दिल्ली: भारत सरकार ने 6 गीगाहर्ट्ज (GHz) स्पेक्ट्रम बैंड के निचले हिस्से (5925-6425 मेगाहर्ट्ज) को बिना लाइसेंस के इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से घरों में वाई-फाई की स्पीड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और WiFi 6E एवं WiFi 7 राउटर्स अब बाजार में आसानी से उपलब्ध होंगे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार शाम इस मंजूरी पर मुहर लगाई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस निर्णय से आम उपयोगकर्ताओं को हाई-स्पीड इंटरनेट का लाभ मिलेगा। वाई-फाई 6E और WiFi 7 राउटर्स लगाने से डाउनलोड और अपलोड दोनों की गति बढ़ेगी, जिससे ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बिना लैग या हैंग हुए सुचारू रूप से संभव होंगे। टेलिकॉम और टेक कंपनियों के बीच खींचतान: 6GHz स्पेक्ट्रम बैंड को लेकर लंबे समय से टेलिकॉम और टेक्नोलॉजी कंपनियों में विवाद चल रहा था। टेलिकॉम कंपनियां इस ...
Republic Day 2026: दिल्ली में AI के साथ ट्रैफिक प्रबंधन, जाम से बचाने में होगी मदद
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Republic Day 2026: दिल्ली में AI के साथ ट्रैफिक प्रबंधन, जाम से बचाने में होगी मदद

  नई दिल्ली: इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल किया है। राजधानी में जाम मुक्त और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए AI आधारित वीडियो से लेकर स्मार्ट कार-कॉलिंग सिस्टम तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। डिजिटल तैयारी से आसान होगा मार्गदर्शन गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह में इस बार लगभग 77,000 दर्शक शामिल होंगे, जिनमें करीब 8,000 लोग निजी वाहनों से आएंगे। इनके लिए 22 पार्किंग क्षेत्रों में व्यवस्था की गई है। रास्तों और पार्किंग की जानकारी Google Maps और Mappls जैसे नेविगेशन टूल्स से प्राप्त की जा सकेगी। AI-जनरेटेड वीडियो और रीयल-टाइम नेविगेशन पहली बार ट्रैफिक पुलिस ने AI की मदद से एनिमेटेड वीडियो तैयार किए हैं। इन वीडियो में गणतंत्र दिवस समारोह में पहुंचने वालों को सुगम रास्ते और पार्किंग की जानकारी ...
बुजुर्ग और दिव्यांग अब घर बैठे निकाल सकते हैं बैंक का पैसा, DSB ऐप करेगा काम आसान
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बुजुर्ग और दिव्यांग अब घर बैठे निकाल सकते हैं बैंक का पैसा, DSB ऐप करेगा काम आसान

  नई दिल्ली: आरबीआई के निर्देशों के बाद देश के 12 प्रमुख सरकारी बैंकों ने बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए घर पर बैंकिंग सेवा शुरू की है। इसके लिए PSB Alliance Doorstep Banking (DSB) ऐप की मदद ली जा सकती है। अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग लोग अपने घर पर ही बैंकिंग संबंधी काम करवा सकते हैं। DSB ऐप में शामिल बैंक DSB ऐप के माध्यम से निम्नलिखित 12 सरकारी बैंकों की सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हैं: बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक ऑफ इंडिया बैंक ऑफ महाराष्ट्र केनरा बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया इंडियन बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक पंजाब एंड सिंध बैंक पंजाब नेशनल बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यूको बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कैसे करें सेवाओं का लाभ: सबसे पहले PSB Alliance Doorstep Banking (DSB) ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। टोल...
चीन के उपकरणों पर यूरोप का बड़ा फैसला: Huawei और ZTE पर लग सकता है बैन
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चीन के उपकरणों पर यूरोप का बड़ा फैसला: Huawei और ZTE पर लग सकता है बैन

  ब्रुसेल्स: यूरोपीय संघ (EU) सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने महत्वपूर्ण नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर से चीन में बने उपकरणों को हटाने की योजना बना रहा है। इसका असर Huawei और ZTE जैसी कंपनियों पर पड़ेगा, जिनके उपकरण अब ईयू में टेलीकॉम नेटवर्क, सोलर एनर्जी सिस्टम और सुरक्षा स्कैनर में इस्तेमाल नहीं किए जा सकते।       क्या है प्रस्ताव?   ईयू की योजना हाई रिस्क वाले सप्लायर्स को अपने नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर से बाहर रखने की है। अमेरिकी मॉडल की तरह, यूरोप भी चीन के उपकरणों को राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रतिबंधित करने जा रहा है। अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने पहले ही Huawei और ZTE पर ऐसा बैन लगा दिया है।       कौन-कौन प्रभावित होंगे?   इस फैसले से टेलीकॉम सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है। कई यूरो...
सोने-चांदी की तरह महंगे हो रहे मोबाइल रिचार्ज! जून तक 15% और बढ़ सकता है डेटा और कॉलिंग का खर्चा
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सोने-चांदी की तरह महंगे हो रहे मोबाइल रिचार्ज! जून तक 15% और बढ़ सकता है डेटा और कॉलिंग का खर्चा

    नई दिल्ली: भारत में मोबाइल कॉलिंग और डेटा उपयोग जल्द ही और महंगा हो सकता है। जियो, एयरटेल और वीआई जैसी टेलीकॉम कंपनियां अपने रिचार्ज प्लान में जून 2026 तक लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। कंपनियों का कहना है कि 5G नेटवर्क के बढ़ते खर्च और प्रति यूजर कमाई (ARPU) कम होने के कारण यह कदम जरूरी हो गया है।       क्या हो सकती है कीमतों में बढ़ोतरी?   टेलीकॉम कंपनियों की योजना के अनुसार, अब हर दो महीने में रिचार्ज प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी होना आम बात हो गई है। इस बदलाव से सामान्य यूजर्स के मोबाइल खर्च में भारी इजाफा होगा। सोशल मीडिया पर लोग इस खबर से काफी नाराज़ हैं। कई लोगों ने लिखा कि अब मोबाइल डेटा आटा, चावल और सोने की तरह महंगा होता जा रहा है।       क्यों बढ़ रहे हैं रिचार्ज की कीमतें?   पहले टेलीकॉम कंपनियों ने फ्री...
‘पहले की तरह काम कर रहे हैं और करते रहेंगे’, वनप्लस इंडिया ने बंद होने की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी
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‘पहले की तरह काम कर रहे हैं और करते रहेंगे’, वनप्लस इंडिया ने बंद होने की अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली: वनप्लस इंडिया के सीईओ रॉबिन लियू ने हाल ही में फैल रही अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि कंपनी भारत में पहले की तरह काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एंड्रॉयड हेडलाइंस की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वनप्लस ‘तोड़ा जा रहा है’ और यह अगला ब्रैंड हो सकता है जो स्मार्टफोन बिजनेस से बाहर हो जाए।       पूरा मामला क्या है?   रिपोर्ट में कहा गया था कि वनप्लस HTC और LG जैसी कंपनियों की लिस्ट में जल्द शामिल हो सकती है और उसका स्मार्टफोन बिजनेस बंद हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से वनप्लस का मार्केट शेयर गिर रहा है और कंपनी पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रही। माना जा रहा था कि ओपो, जो वनप्लस का पैरेंट कंपनी है, इस नुकसान को कम करने के लिए वनप्लस को बंद कर सकती है।   हालांकि, वनप्लस इंडिया न...
ChatGPT Age Prediction: अब चैटजीपीटी आपकी उम्र पहचानकर लगाएगा सुरक्षा उपाय, 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स पर होंगे प्रतिबंध
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ChatGPT Age Prediction: अब चैटजीपीटी आपकी उम्र पहचानकर लगाएगा सुरक्षा उपाय, 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स पर होंगे प्रतिबंध

    OpenAI ने अपने एआई चैटबॉट ChatGPT में नया एज प्रिडिक्शन (Age Prediction) फीचर रोलआउट कर दिया है। इसका उद्देश्य 18 साल से कम उम्र वाले यूजर्स की पहचान करना और उनके लिए चैटजीपीटी की सुविधाओं को सुरक्षित बनाना है।       कैसे काम करता है एज प्रिडिक्शन सिस्टम   एज प्रिडिक्शन फीचर यूजर के व्यवहार और अकाउंट के इस्तेमाल के तरीके का विश्लेषण करता है। इसमें देखा जाता है कि अकाउंट कब बनाया गया था, समय के साथ यूजर इसका कैसे इस्तेमाल कर रहा है और आमतौर पर किस समय एक्टिव रहता है। साथ ही, सिस्टम यूजर द्वारा पहले दी गई उम्र की जानकारी को भी ध्यान में रखता है।   OpenAI के अनुसार, इस तरीके से बार-बार उम्र पूछने या पहचान की जांच करने की जरूरत नहीं रहती। अगर सिस्टम को लगता है कि अकाउंट किसी नाबालिग का है, तो प्लेटफॉर्म अपने आप अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू कर देता...
एलन मस्क बनाम सैम ऑल्टमैन: ‘भूलकर भी न करें ChatGPT का इस्तेमाल!’—मस्क ने परिवार के लिए जारी की चेतावनी, ऑल्टमैन के साथ छिड़ी जुबानी जंग
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एलन मस्क बनाम सैम ऑल्टमैन: ‘भूलकर भी न करें ChatGPT का इस्तेमाल!’—मस्क ने परिवार के लिए जारी की चेतावनी, ऑल्टमैन के साथ छिड़ी जुबानी जंग

    टेक्नोलॉजी की दुनिया में दो दिग्गज—एलन मस्क और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन—एक बार फिर आमने-सामने हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लोगों से कहा कि वे अपने प्रियजनों को ChatGPT का इस्तेमाल न करने दें। मस्क का मानना है कि एआई इंसानों को गलत जानकारी पर विश्वास करने के लिए मजबूर कर सकता है और इससे कई बार लोगों की जान भी जा सकती है।       मस्क की चेतावनी और चिंता   एलन मस्क लंबे समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को परमाणु हथियारों से भी खतरनाक बताते आए हैं। हालिया बयान में उन्होंने कहा कि ChatGPT और इसी तरह के अन्य AI मॉडल्स इस दिशा में बढ़ रहे हैं, जहां उन पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो सकता है।   मस्क का कहना है कि मुनाफे की दौड़ में AI की सुरक्षा परतें कमजोर की जा रही हैं, और विशेष रूप से बच्चों और परिवा...