7 साल की भव्या चौधरी ने संभाली परिवार की विरासत, पगड़ी रस्म से ग्रहण किया उत्तराधिकार
जयपुर: राजस्थान में सामाजिक रीति-रिवाजों और परिवारिक परंपराओं के बीच 7 साल की मासूम भव्या चौधरी ने अपने घर की जिम्मेदारी संभालकर सबका दिल जीत लिया है। पिता और दादा के निधन के बाद परिवार में कोई पुरुष सदस्य न बचा, तो भव्या ने पगड़ी की रस्म निभाते हुए परिवार की उत्तराधिकारी के रूप में दायित्व ग्रहण किया।
6 महीने की उम्र में पिता की शहादत
भव्या चौधरी जब मात्र 6 महीने की थी, तब उनके पिता हनुमान सहाय चौधरी, राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल, का निधन हो गया। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टोंक चुनावी सभा से एक दिन पहले सुरक्षा ड्यूटी पर ब्रेन हेमरेज हुआ था। तमाम इलाज के बावजूद 27 फरवरी 2019 को उनका निधन हो गया।
दादा के जाने के बाद परिवार में कोई पुरुष नहीं
पिता के बाद भव्या अपने दादा-दादी की गोद में बड़ी हो रही थी। अब 7 वर्ष की उम्र में उनके दादा रामरख चौधरी का निधन भ...









