केंद्र ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा देने से किया इनकार, KDA और LAB ने ऑटोनॉमस काउंसिल प्रस्ताव भी ठुकराया
जम्मू: केंद्र सरकार ने लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा या राज्य का दर्जा देने से इनकार कर दिया है। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेताओं ने यह जानकारी गृह मंत्रालय की हाई पावर कमेटी के साथ हुई मीटिंग के बाद साझा की।
केंद्र सरकार ने लद्दाख के लिए टेरिटोरियल काउंसिल मॉडल का प्रस्ताव रखा था, जिसमें ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव काउंसलर को मुख्यमंत्री और डिप्टी चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव काउंसलर को डिप्टी सीएम का दर्जा देने का प्रस्ताव था। लेकिन लद्दाखी संगठन इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर पाए।
छठी अनुसूची और इसका महत्व
संविधान की छठी अनुसूची आदिवासी क्षेत्रों को ऑटोनॉमी, संस्कृति और ज़मीन की सुरक्षा के लिए खास प्रशासनिक अधिकार देती है। नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में यह काफी मजबूत संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करती है।
लेकिन गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की...










