भिंड का बेटा बना मिसाल: पिता-भाई के साथ जेल, घर जलाया गया, ड्रिप लगाकर दी परीक्षा… अब बने DSP
भोपाल/भिंड। कहते हैं, कठिनाइयाँ इंसान को तोड़ भी देती हैं और गढ़ भी देती हैं। भिंड जिले के जैनेंद्र निगम ने विपरीत परिस्थितियों को अपनी ताक़त बनाया और वह मंज़िल हासिल की, जिसे कई लोग सिर्फ़ सपना समझते हैं। हत्या के आरोप में पिता और भाई के साथ जेल जाना पड़ा, घर जला दिया गया, आर्थिक स्थिति चरमरा गई, स्वास्थ्य बिगड़ गया—लेकिन जैनेंद्र न टूटे, न रुके। आज वे MPPSC परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए DSP के पद पर चयनित हुए हैं।
12वीं रैंक, सिर ऊँचा कर दियाMPPSC परिणाम में जैनेंद्र ने 12वीं रैंक हासिल की, जो उनके संघर्ष और आत्मविश्वास की अमिट कहानी बयान करती है। सफलता के बाद उन्होंने कहा—
"मेरे मन में किसी के खिलाफ बदले की भावना नहीं है। बस अपने परिवार में खुशी लौटाना चाहता हूं। पिता का सपना पूरा हुआ, यही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है।"
झूठी FIR, जेल और घर जलाने का दर्दजैनेंद्र के जीवन मे...










