मां बगलामुखी मंदिर की करोड़ों की जमीन पर से कब्जा खत्म 20 साल पुराने विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रातों-रात JCB से हटाया अतिक्रमण
आगर मालवा/नलखेड़ा: विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन आखिरकार 20 साल बाद मुक्त हो गई। एमपी हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने शुक्रवार देर रात जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण और कब्जे को ध्वस्त कर दिया। यह मामला वर्ष 2007 से न्यायालय में लंबित था, जिसमें कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मंदिर भूमि पर दावा जताया था।
हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत—फर्जी दस्तावेजों पर हासिल डिक्री को बताया अवैध
हाई कोर्ट ने इस विवादित जमीन पर 1997 में ली गई डिक्री को धोखे और दस्तावेज छुपाकर हासिल किया गया माना। अदालत ने स्पष्ट किया कि दावा करने वालों का वसीयतनामा संदिग्ध है और यह कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है।
कोर्ट ने पुराने सरकारी रिकॉर्ड और मंदिर व्यवस्था से जुड़े आधिकारिक अभिलेखों का हवाला देते हुए सरकार का हक स्थापित किया। इस फैसले के साथ ही वर्षों से चल रहा विवाद ...










