👩💼 प्रसव पीड़ा के बावजूद निभाई चुनावी ड्यूटी — नालंदा की DCLR रश्मि कुमारी बनीं ‘लोकतंत्र की लक्ष्मी’
लोकतंत्र के महापर्व विधानसभा चुनाव में जहाँ कई लोग मामूली बहाने बनाकर जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश करते हैं, वहीं नालंदा जिले की DCLR (भूमि सुधार उपसमाहर्ता) रश्मि कुमारी ने ऐसा अद्भुत उदाहरण पेश किया, जिसने पूरे बिहार को गर्व से भर दिया।
👩⚖️ प्रसव वेदना को नज़रअंदाज़ कर निभाया कर्तव्य
हिलसा अनुमंडल में पदस्थापित DCLR रश्मि कुमारी गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं। बावजूद इसके उन्होंने 390 मतदान केंद्रों की निगरानी की पूरी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। प्रसव पीड़ा के बावजूद उन्होंने तब तक ड्यूटी नहीं छोड़ी, जब तक सभी EVM मशीनें सुरक्षित रूप से स्ट्रॉन्ग रूम में जमा नहीं हो गईं।
उन्होंने कहा —
“यह लोकतंत्र का महापर्व है। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे कारण प्रशासनिक कार्यों में कोई कमी रह जाए। प्रसव पीड़ा थी, लेकिन कर्तव्य पहले था।”
🏥 ड्यूटी पूरी कर अस्पताल पहुंचीं, जन्मी ‘लक्ष्मी’
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