Wednesday, July 22

Politics

आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज
Bihar, Politics, State

आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज

पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में बंपर जीत हासिल करने के बाद अपनी पार्टी के बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का शिकार सबसे पहले बने हैं आरा के पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व नौकरशाह राजकुमार सिंह (आरके सिंह)। बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आरके सिंह पर बीजेपी की सख्त कार्रवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के लंबे समय तक सदस्य रहे आरके सिंह के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते की गई है। हाल ही में आरके सिंह ने पार्टी की लाइन से बाहर जाकर कई विवादित बयान दिए थे, जिसे बीजेपी ने गंभीरता से लिया और इसे पार्टी विरोधी माना। उनके बयानों के बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया। चुनाव के दौरान विवादों में घिरे रहे आरके सिंह बिहार विधानसभ...
बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया
Bihar, Politics, State

बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त का मुख्य कारण सिर्फ गठबंधन के कमजोर साथी दल नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और गठबंधन के प्रमुख चेहरा तेजस्वी यादव की पांच बड़ी राजनीतिक गलतियां भी थीं। इन गलत फैसलों ने न केवल महागठबंधन की रणनीति को कमजोर किया, बल्कि कई सामाजिक वर्गों को भी इससे दूर कर दिया, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ा। आइए जानते हैं तेजस्वी यादव की वो पांच बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी लुटिया डुबो दी: 1. उपमुख्यमंत्री पद की गलत घोषणा महागठबंधन की राजनीति में सबसे बड़ी गलती तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए वीआईपी के मुकेश सहनी का नाम घोषित कर दी। यह फैसला न केवल अपरिपक्वता का उदाहरण था, बल्कि इससे राजद को दो बड़े वर्गों—दलितों (19.65% जनसंख्या) और मुस्लिमों (17.7% जनसंख्या)—का समर्थन खोना पड़ा। त...
कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट
Bihar, Politics, State

कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब तक जिस राजद को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसी पार्टी के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव को उनके समर्थकों ने ही चुनावी 'सुनामी' में डुबो दिया। इस बार बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव के सामने उनकी पार्टी के ही ऐसे 'खिदमतगार' चुनौती बनकर उभरे, जिन्होंने उनके प्रयासों को पलीता लगा दिया। समर्थकों के विवादास्पद प्रचार का असर:बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राजद के कुछ समर्थकों ने ऐसे विवादास्पद गाने और वीडियो बनाए, जिनसे चुनावी माहौल में नकारात्मक प्रभाव पड़ा। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में एक बच्चे ने मंच से गाना गाया, "गे छौंरी गे, लठिया लेके घुमछी… त कहछी गंवार गे। बने देही सीएम तेजस्वी भइया के, तब कट्टा लेके घुमवई त कहिहें।" इस गाने में कट्टा चलाने की धमकी दी गई, जिससे न केवल राजनीति में अशांति फै...
दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’
Bihar, Politics, State

दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’

दरभंगा, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दरभंगा ग्रामीण सीट पर एक ऐतिहासिक परिणाम सामने आया है। यहां पर एनडीए ने पहली बार इस सीट पर विजय हासिल की है, जबकि यह सीट पिछले 30 वर्षों से राजद का अभेद्य किला बनी हुई थी। जेडीयू के उम्मीदवार राजेश कुमार मंडल (उर्फ ईश्वर मंडल) ने राजद के वरिष्ठ नेता ललित यादव को हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया है। राजेश मंडल, जो पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे, ने ललित यादव को 18,453 मतों के अंतर से हराया। मंडल को 80,355 वोट मिले, जबकि ललित यादव को 61,902 वोट प्राप्त हुए। इस परिणाम के साथ जेडीयू ने दरभंगा ग्रामीण सीट पर आरजेडी के 30 साल पुराने शासन को ध्वस्त कर दिया है। इतिहास और चुनावी संघर्ष:यह सीट पहले मनीगाछी विधानसभा के नाम से जानी जाती थी, जहां 1952 से 1995 तक कांग्रेस का दबदबा था। 1995 में कांग्रेस से अलग होकर आरजेडी ने ललित यादव को उम्मीदवार बनाया और ...
विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की तैयारी: मध्य प्रदेश सरकार की समिति ने तैयार किया प्रस्ताव, जल्द हो सकता है निर्णय
Madhya Pradesh, Politics, State

विधायकों के वेतन-भत्ते बढ़ाने की तैयारी: मध्य प्रदेश सरकार की समिति ने तैयार किया प्रस्ताव, जल्द हो सकता है निर्णय

भोपाल: मध्य प्रदेश में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन, भत्ते और पेंशन में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार ने एक समिति का गठन किया है, जिसने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री, श्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में इस समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न राज्यों में विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं का अध्ययन किया गया। समिति के सदस्य सचिव, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और वित्त सचिव मनीष रस्तोगी सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के विधायकों को मिलने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की तुलना की गई। इसके आधार पर मध्य प्रदेश में इसी तरह के प्रस्ताव को लागू करने की योजना बनाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को आगामी शीतकालीन सत्र से पहले मंजूरी मिलने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक, 30 नवंबर तक विधायकों...
बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती
Bihar, Politics, State

बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती

पटना, 15 नवंबर 2025: बिहार चुनाव परिणाम ने एक बार फिर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के सामने कठिन सवाल खड़े कर दिए हैं। महागठबंधन को मिली करारी हार ने इस राजनीतिक गठबंधन की मजबूती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या 'INDIA' ब्लॉक के विचार को नए सिरे से परिभाषित करने का समय आ चुका है? बिहार चुनाव में हार का असर 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद विपक्षी दलों ने एकजुट होकर ‘INDIA’ ब्लॉक का गठन किया था, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की प्रमुख ताकत बनकर उभरा था। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार ने गठबंधन के भीतर असहमति और विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। महागठबंधन के प्रयास के बावजूद, कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य जातिगत पार्टियों को साथ लाने में आरजेडी सफल नहीं हो पाई, और यही कारण रहा कि जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विपक्ष एक मज...
बीजेपी का अगला लक्ष्य अब बंगाल… बिहार में ऐतिहासिक जीत के बाद पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को दिया अल्टीमेटम
Politics, State, West Bengal

बीजेपी का अगला लक्ष्य अब बंगाल… बिहार में ऐतिहासिक जीत के बाद पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को दिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली/कोलकाता: बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब पश्चिम बंगाल को बीजेपी के अगला लक्ष्य के रूप में घोषित कर दिया है। बिहार चुनाव के नतीजों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बिहार की महाजीत ने अब बंगाल में बीजेपी की विजय का रास्ता खोल दिया है। उन्होंने कहा, “यहां से गंगा जी बिहार से बहते हुए बंगाल पहुंचती हैं, और बिहार ने ही अब बंगाल में बीजेपी की जीत की राह बना दी है।” बंगाल में बीजेपी का मिशन 2026 प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में ‘जंगलराज’ को समाप्त करने का संकल्प लिया। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) सरकार के 15 सालों के शासन के बाद, अब बंगाल में परिवर्तन की बयार बहने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि वह बंगाल के लोगों से मिलकर बीजेपी की मदद से राज्य म...
अंता उपचुनाव में बीजेपी की हार: भजनलाल और वसुंधरा राजे की चुप्पी, मदन राठौड़ ने ली जिम्मेदारी
Politics, Rajasthan, State

अंता उपचुनाव में बीजेपी की हार: भजनलाल और वसुंधरा राजे की चुप्पी, मदन राठौड़ ने ली जिम्मेदारी

बारां (राजस्थान): राजस्थान के अंता विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद पार्टी में सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस नतीजे पर चुप्पी साध रखी है। दोनों नेताओं ने जहां बिहार चुनाव में अपनी प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर दीं, वहीं अंता की हार पर कोई भी टिप्पणी नहीं की। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदान राठौड़ ने इस हार की पूरी जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि यह उनकी और उनकी टीम की जवाबदेही है और पार्टी जनादेश का सम्मान करती है। राठौड़ ने यह भी माना कि सरकार अपने विकास कार्यों को जनता तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंचा पाई, जो इस हार का कारण बना। 2 साल में भी अंता की जनता का दिल नहीं जीत पाई भजनलाल सरकार राजस्थान में भाजपा की सरकार दो साल पहले बनी थी, लेकिन इन दो सालों में पार्टी अं...
बिहार चुनाव 2025: 9 सीटों पर कुछ सौ वोटों से तय हुई जीत-हार
Bihar, Politics, State

बिहार चुनाव 2025: 9 सीटों पर कुछ सौ वोटों से तय हुई जीत-हार

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों में एनडीए गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की, जबकि महागठबंधन 40 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। हालांकि, कई सीटों पर बेहद कड़ा मुकाबला देखा गया, जहां जीत का अंतर कुछ सौ या कुछ दर्जन वोटों तक सिमट गया। ऐसे में कई उम्मीदवारों को बमुश्किल विजय प्राप्त हुई। आइए जानते हैं उन 9 सीटों के बारे में, जहां जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा: 1. संदेश (आरा) – सिर्फ 27 वोटों से जीत आरा लोकसभा क्षेत्र की संदेश विधानसभा सीट पर जेडीयू के राधा चरण साह ने आरजेडी के दीपू सिंह को महज 27 वोटों से हराया। राधा चरण साह को 80,598 वोट मिले, जबकि दीपू सिंह को 80,571 वोट मिले। तीसरे स्थान पर जन सुराज के राजीव रंज राज रहे, जिन्हें 6,040 वोट मिले। 2. अगिआंव – 95 वोटों से बीजेपी की जीत अगिआंव सीट पर बीजेपी के महेश पासवान ने सीपीआई (एमएल) के शिव प्रकाश रंजन को सिर्फ 95 वोटो...
दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता ने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम कदम
Delhi (National Capital Territory), Politics, State

दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता ने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम कदम

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर सड़कों पर उतारा। इसके अलावा, प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक कमर्शल गाड़ियों की फिटनेस जांच के लिए तेहखंड डिपो में ऑटोमेटेड वीकल फिटनेस टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) का शिलान्यास किया। इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण में होगी कमी सीएम रेखा गुप्ता ने 50 इलेक्ट्रिक बसों को रवाना करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने 8 महीने के भीतर परिवहन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस दौरान 1350 नई इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की गई हैं, जबकि पिछले 11 वर्षों में केवल 2000 बसें ही सड़कों पर आई थीं। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इन 50 बसों में 30 बारह मीटर की और 20 नौ मीटर क...