Thursday, July 23

Politics

महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा झटका: विधायक प्रज्ञा सातव जल्द हो सकती हैं बीजेपी में शामिल
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महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा झटका: विधायक प्रज्ञा सातव जल्द हो सकती हैं बीजेपी में शामिल

मुंबई/अचलेंद्र कटियार: महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है। कांग्रेस के दिग्गज नेता राजीव सातव की पत्नी और वर्तमान में विधान परिषद सदस्य डॉ. प्रज्ञा सातव भाजपा में शामिल हो सकती हैं। यह राजनीतिक हलचल मुंबई बीएमसी समेत 29 महानगर पालिकाओं के निकाय चुनावों के बीच सामने आई है और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकती है। कांग्रेस में हड़कंपराजीव सातव गांधी परिवार के बेहद निकट माने जाते थे। उनके निधन के बाद पत्नी प्रज्ञा का बीजेपी में शामिल होने का संयोग कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस खबर के सामने आते ही महाराष्ट्र कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। वर्तमान में राज्य में पार्टी की कमान हर्षवर्धन सपकाल के हाथों में है, जो कांग्रेस के बहुचर्चित जय जगत समूह के बेहद निकट माने जाते हैं। अगले राजनीतिक कदमसूत्रों की मानें तो प्रज्ञा सातव के अलावा दो और विधायक भी पाला बदलने क...
ममता बनर्जी के भाबानीपुर में SIR की कैंची चली, टीएमसी में खलबली, कार्यकर्ता करेंगे घर-घर जाकर वोटर लिस्ट दोबारा चेक
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ममता बनर्जी के भाबानीपुर में SIR की कैंची चली, टीएमसी में खलबली, कार्यकर्ता करेंगे घर-घर जाकर वोटर लिस्ट दोबारा चेक

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के परंपरागत विधानसभा क्षेत्र भाबानीपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 44,787 वोटरों के नाम हटने से तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हड़कंप मच गया है। SIR के बाद टीएमसी ने अपने कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर वोटर लिस्ट की दोबारा वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 तक भाबानीपुर में कुल 2,06,295 वोटर थे। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को 85,263 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी की प्रियंका तिबरेवाल को 26,428 वोट मिले थे। SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अब केवल 1,61,509 नाम बचे हैं। यानी कुल 44,787 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो विधानसभा क्षेत्र के कुल वोटरों का लगभग 21.7 फीसदी है। टीएमसी की प्रतिक्रियाTMC का कहना है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम हटाया जाना स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने सभी बूथ लेवल एजेंटों को निर्देश ...
BJP अध्यक्ष के लिए बड़ा नहीं, नया नाम चुना गया: नितिन नवीन को मिली जिम्मेदारी
Natioanal, Politics

BJP अध्यक्ष के लिए बड़ा नहीं, नया नाम चुना गया: नितिन नवीन को मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली: पिछले एक साल से BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं जोरों पर थीं। कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन जब कार्यकारी अध्यक्ष के लिए ऐलान हुआ, तो पार्टी ने सभी 'बड़े नामों' को पीछे छोड़ते हुए 45 वर्षीय नितिन नवीन को चुना। पीढ़ीगत बदलाव का संकेत:नितिन नवीन बिहार से आते हैं और उनकी पहचान अब तक प्रायः बिहार तक सीमित रही थी। छत्तीसगढ़ में BJP के प्रभारी रहते हुए उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में बूथ स्तर तक संगठन को संभाला। उनके नाम की नियुक्ति यह संकेत देती है कि BJP नई पीढ़ी के नेतृत्व को तरजीह दे रही है। पार्टी का संदेश:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र और अनुभव को लेकर विपक्ष कई बार सवाल उठा चुका है। नितिन नवीन के चुनाव के जरिए पार्टी ने संदेश दिया है कि वह नई पीढ़ी के नेताओं को तैयार कर रही है और अनुशासन व प्रतिबद्धता को महत्व देती है। परिवारवाद का मिथक तोड़ा...
हाथ जोड़कर, विनम्रता से… पीएम मोदी के भाषण पर इथियोपिया की संसद गूँज उठी तालियों से
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हाथ जोड़कर, विनम्रता से… पीएम मोदी के भाषण पर इथियोपिया की संसद गूँज उठी तालियों से

नई दिल्ली: इथियोपिया की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान सांसदों ने लंबे समय तक तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। पीएम मोदी को यहां ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से सम्मानित भी किया गया, जिसे उन्होंने भारत के लोगों की ओर से हाथ जोड़कर और विनम्रता से स्वीकार किया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत और इथियोपिया के सदियों पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लगभग 2000 साल पहले हमारे पूर्वज समुद्र पार व्यापारी मसालों और सोने के साथ यात्रा करते थे। लेकिन वे केवल सामान का ही व्यापार नहीं करते थे, बल्कि विचारों और जीवन शैली का भी आदान-प्रदान करते थे। अदीस और धोलेरा जैसे बंदरगाह केवल व्यापार केंद्र नहीं, बल्कि सभ्यताओं के बीच पुल का काम करते थे। पीएम मोदी ने 941 ईस्वी में भारतीय सैनिकों द्वारा इथियोपिया की आजादी के लिए किए गए योगदान का भी स्मरण किया और क...
बिहार में एनडीए जीत के बाद चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा में सियासी खींचतान, नेताओं का पलायन जारी
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बिहार में एनडीए जीत के बाद चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा में सियासी खींचतान, नेताओं का पलायन जारी

पटना: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राजनीतिक हलकों में अंदरूनी खींचतान देखने को मिल रही है। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के कई वरिष्ठ नेता अब उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में शामिल हो रहे हैं। हाल में लोजपा आर के कई चर्चित नेताओं ने चिराग पासवान की पार्टी छोड़कर उपेंद्र कुशवाहा का दामन थामा है, जिससे चिराग पासवान की पार्टी के भीतर खलबली मची हुई है। एनडीए के भीतर सियासी खेल:एनडीए की जीत के बावजूद चिराग पासवान की पार्टी के कई नेताओं का उपेंद्र कुशवाहा के पाले में जाना सियासी विशेषज्ञों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। लोजपा आर के वरिष्ठ नेताओं में एके वाजपेयी का नाम शामिल है, जो पहले पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष रह चुके हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने इन नेताओं को अपनी पार्टी में प्राथमिक सदस्यता दिलाई है और इसे एनडीए के हित में बताया। चिराग पासवान की पार्टी पर...
बिहार BJP में नया नेतृत्व: संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन क्षमता ही बनी सबसे बड़ी वजह
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बिहार BJP में नया नेतृत्व: संजय सरावगी बने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन क्षमता ही बनी सबसे बड़ी वजह

पटना। हाल ही में बिहार बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव के तहत संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। जानकारों का कहना है कि संजय सरावगी के चयन के पीछे जातीय समीकरण नहीं बल्कि उनकी संगठनात्मक दक्षता प्रमुख कारण रही। संगठन में मजबूत पकड़ का अंदाज़ दरभंगा से लगातार छह बार विधायक रह चुके संजय सरावगी ने यह साबित किया कि वह बदलते चुनावी समीकरणों में भी जीत हासिल कर सकते हैं। संगठन की जड़ में उतरकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझना और उनका कुशल प्रबंधन करना उनकी खासियत रही है। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि राज्य में भाषण देने वाले नेता नहीं बल्कि संगठन को मज़बूत करने वाला व्यक्ति चाहिए था और इस दृष्टि से संजय सरावगी सही विकल्प साबित हुए। जाति से ऊपर संगठनात्मक क्षमता सवाल उठता है कि वैश्य जाति के नेता ...
बीएमसी चुनाव से पहले कांग्रेस पर पृथ्वीराज चव्हाण का आत्ममंथन बोले– आम आदमी के मुद्दे उठाने में पार्टी रही नाकाम
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बीएमसी चुनाव से पहले कांग्रेस पर पृथ्वीराज चव्हाण का आत्ममंथन बोले– आम आदमी के मुद्दे उठाने में पार्टी रही नाकाम

पुणे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले कांग्रेस को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने बड़ा और आत्मालोचनात्मक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस आम लोगों से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में असफल रही है, जिसका असर पार्टी की जनस्वीकृति पर पड़ा है। मंगलवार को पुणे में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि पार्टी द्वारा चलाई गई ‘संविधान यात्रा’ और ‘तिरंगा यात्रा’ जैसे कार्यक्रम आम जनता और युवाओं को आकर्षित नहीं कर सके। उन्होंने स्वीकार किया कि इन आयोजनों में मुख्य रूप से पार्टी कार्यकर्ता ही नजर आए, जबकि आम लोगों की भागीदारी बेहद सीमित रही। ‘युवाओं से जुड़ नहीं पा रही कांग्रेस’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को अपने साथ जोड़ने की है, लेकिन पार्टी इस दिशा...
ईडी के कथित दुरुपयोग के विरोध में कांग्रेस का जयपुर में प्रदर्शन, आज बीजेपी मुख्यालय का होगा घेराव
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ईडी के कथित दुरुपयोग के विरोध में कांग्रेस का जयपुर में प्रदर्शन, आज बीजेपी मुख्यालय का होगा घेराव

जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस आज जयपुर में केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रही है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय का घेराव करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक प्रतिशोध के हथियार के रूप में उपयोग कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। दो बजे शुरू होगा पैदल मार्च प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार 17 दिसंबर को जयपुर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 2 बजे प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर...
बिहार BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष बने संजय सरावगी, मिथिलांचल में संगठन मजबूत करने पर जोर
Bihar, Politics, State

बिहार BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष बने संजय सरावगी, मिथिलांचल में संगठन मजबूत करने पर जोर

पटना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार में बड़ा सांगठनिक फेरबदल करते हुए संजय सरावगी को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह कदम पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है और इसे मिथिलांचल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। संजय सरावगी की नियुक्ति निवर्तमान अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के स्थान पर की गई है। दरभंगा से विधायक सरावगी का क्षेत्रीय अनुभव और संगठन में लंबा अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है। पार्टी का उद्देश्य है कि उनके नेतृत्व में मिथिलांचल क्षेत्र की अधिक से अधिक सीटों पर जीत सुनिश्चित की जा सके और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाया जा सके। मिथिलांचल पर विशेष फोकस बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि संजय सरावगी के आने से मिथिलांचल में पार्टी की सांगठनिक और चुनावी पैठ और मजबूत होगी। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से ...
नितिन नबीन: छत्तीसगढ़ चुनाव में पलटा खेल, भूपेश बघेल के होश उड़ाए
Chhattisgarh, Politics, State

नितिन नबीन: छत्तीसगढ़ चुनाव में पलटा खेल, भूपेश बघेल के होश उड़ाए

रायपुर, 15 दिसंबर 2025 (आकाश सिकरवार) – बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मात देकर और लोकसभा चुनावों में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। छत्तीसगढ़ में रणनीति और सफलता:2023 के विधानसभा चुनाव में नबीन को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया गया था। उस समय भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को बहुत मजबूत माना जा रहा था। लेकिन नबीन ने अपनी अलग रणनीति अपनाई – 'मैन टू मैन' मार्किंग और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना। इसके परिणामस्वरूप बीजेपी ने पाँच साल बाद स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की। लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन:इसके बाद लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने छत्तीसगढ़ की 11 में से 10 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह सफलता नबीन के नेतृत्व, अनु...