‘मैं जिसे दिल से प्यार करता हूं, चाहता हूं उसे खबर न लगे’ – आलोक श्रीवास्तव
नई दिल्ली: मंजिलें क्या हैं, रास्ता क्या है… हौसला हो तो फासला क्या है। यही जज्बा और खूबसूरती कवि, गीतकार और टीवी पत्रकार आलोक श्रीवास्तव की रचनाओं में साफ झलकती है। उनके शब्द सिर्फ इश्क की बात नहीं करते, बल्कि हौसले और आत्मा की भी गहराई बताते हैं।
'मैंने इश्क लिखा' सीरीज में आलोक श्रीवास्तव ने अपने इश्क की हकीकत साझा की। उनकी रचनाओं में इश्क प्रियतम के लिए भी है और परमात्मा के लिए भी। सोशल मीडिया पर उनके प्रेम और जीवन की अनुभूतियों से भरी कविताएं और गीत खूब वायरल हो रहे हैं। उनके चर्चित लाइव शो 'आलोकनामा' को अब देश-विदेश में समान रूप से पसंद किया जा रहा है।
इश्क की परिभाषा
आलोक श्रीवास्तव कहते हैं, "मेरी नजर में इश्क एक ऐसी इबादत है, जिसे कुछ पाने के लिए नहीं बल्कि खुद को सौंप देने के लिए किया जाता है।" उन्होंने कहा कि इश्क को परम भाव से जीना ही उसकी असली खूबसूरती है। जैसे हम मंदिर जाक...










