Wednesday, July 22

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दिन का इतिहास, 7 फरवरी: भारतीय नौसेना की ताकत से दुनिया हुई परिचित, जानें 7 फरवरी की प्रमुख घटनाएं
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दिन का इतिहास, 7 फरवरी: भारतीय नौसेना की ताकत से दुनिया हुई परिचित, जानें 7 फरवरी की प्रमुख घटनाएं

नई दिल्ली, 7 फरवरी 2026: आज का दिन इतिहास में कई बड़ी घटनाओं के लिए याद रखा जाता है। 7 फरवरी 1992 को भारतीय नौसेना ने अपनी पहली स्वदेशी पनडुब्बी INS शाल्की को कमीशन किया था। यह घटना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आजादी के बाद कुछ ही सालों में भारत ने सबमरीन टेक्नोलॉजी में अपनी पकड़ साबित की। 7 फरवरी के दिन हुई प्रमुख घटनाएं: 1856: ईस्ट इंडिया कंपनी ने अवध के नवाब वाजिद अली शाह को गद्दी से हटाया और अवध को अपने अधीन कर लिया। यह घटना 1857 की क्रांति का एक बड़ा कारण बनी। 1898: बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की पत्नी रमाबाई आंबेडकर का जन्म महाराष्ट्र के दाभोल में। 1904: अमेरिका के बाल्टिमोर में लगी बड़ी आग, जिसमें 1500 से ज्यादा इमारतें जल गईं। 1904: क्रांतिकारी मन्मथनाथ गुप्त का जन्म वाराणसी में। वे 1925 के काकोरी कांड में शामिल थे। 19...
सपना SDM बनने का, PhD छोड़ी और 8–10 घंटे पढ़ाई, हरियाणा की बेटी ने UPPCS में टॉप रैंक हासिल की
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सपना SDM बनने का, PhD छोड़ी और 8–10 घंटे पढ़ाई, हरियाणा की बेटी ने UPPCS में टॉप रैंक हासिल की

गुरुग्राम, 7 फरवरी 2026: सिविल सेवा में करियर बनाने का सपना रखने वालों के लिए संगीता राघव की कहानी प्रेरणादायक साबित हो सकती है। हरियाणा की इस बेटी ने UPPCS परीक्षा में टॉप-2 रैंक हासिल कर SDM बनने का सपना साकार किया। उन्होंने SDM बनने की जिद में PhD छोड़ दी और रोजाना 8–10 घंटे पढ़ाई करके यह उपलब्धि हासिल की। शुरुआत में मिली असफलता, फिर मेहनत ने दिखाई राह:संगीता ने UPPCS की तैयारी की शुरुआत 5–6 घंटे पढ़ाई से की थी। 2017 में पहली बार परीक्षा देने पर असफलता मिली। लेकिन हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई की अवधि बढ़ाकर 8–10 घंटे रोजाना करने लगीं। उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें 2018 में टॉप-2 रैंक दिलाई। SDM बनने की जिद ने PhD छोड़ी:सिविल सेवा की तैयारी के दौरान संगीता ने JNU में पीएचडी प्रोग्राम छोड़ दिया। उनका उद्देश्य स्पष्ट था—SDM बनना। उन्होंने साउथ एशियन इंस्टीट्यूट और वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट ...
जर्मनी जाकर इंजीनियर बनना है? जानें टॉप-10 यूनिवर्सिटीज और भारतीय छात्रों के फायदे
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जर्मनी जाकर इंजीनियर बनना है? जानें टॉप-10 यूनिवर्सिटीज और भारतीय छात्रों के फायदे

बर्लिन, 7 फरवरी 2026: जर्मनी लंबे समय से इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दुनियाभर के छात्रों के लिए आकर्षक देश माना जाता है। ऑटोमोबाइल, केमिकल, कंप्यूटर या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग—हर फील्ड में जर्मनी ने अपना लोहा मनवाया है। पिछले कुछ सालों में भारतीय छात्रों की संख्या भी यहां बढ़ी है। यूरोप के इस देश में लगभग 50,000 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। जर्मनी की टॉप-10 इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज: टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ म्यूनिख (TUM) RWTH आकिन यूनिवर्सिटी कार्ल्सरूहे इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ बर्लिन TU ड्रेसडेन स्टटगार्ट यूनिवर्सिटी टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डार्मस्टाट एर्लांगेन-नूर्नबर्ग यूनिवर्सिटी लाइबनिज यूनिवर्सिटी हनोवर रुहर यूनिवर्सिटी बोचुम जर्मनी में इंजीनियरिंग पढ़ने के फायदे: वर्ल्ड-क्...
पुर्तगाल में जाकर खुद ढूंढें जॉब, सरकार देती है ‘स्किल्ड वर्क-सीकिंग वीजा’
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पुर्तगाल में जाकर खुद ढूंढें जॉब, सरकार देती है ‘स्किल्ड वर्क-सीकिंग वीजा’

लिस्बन, 7 फरवरी 2026: विदेश में नौकरी करने का सपना रखने वाले भारतीयों के लिए पुर्तगाल से बड़ी खबर है। पुर्तगाल सरकार उन विदेशी वर्कर्स को ‘स्किल्ड वर्क-सीकिंग वीजा’ देती है, जिनके पास विशेष योग्यता होती है। इस वीजा के जरिए विदेशी स्टूडेंट या वर्कर पुर्तगाल जाकर खुद नौकरी ढूंढ सकते हैं और जॉब मिलने के बाद वर्क वीजा में ट्रांसफर कर सकते हैं। कौन ले सकता है वीजा:यह वीजा उन लोगों के लिए है, जो पुर्तगाल में आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जॉब करना चाहते हैं। पुर्तगाल में इन सेक्टर्स में योग्य वर्कर्स की कमी को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा दी जाती है। वीजा की शर्तें: वीजा की अवधि 120 दिन की होती है, जिसे 60 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। वीजा धारक सिर्फ पुर्तगाल में ही जॉब ढूंढ सकते हैं; शेंगेन क्षेत्र के अन्य देशों में यात्रा की अनुमति नहीं। अगर 120+60 दि...
टीचर, डॉक्टर या फिर कोई और… अमेरिका में सबसे बेस्ट जॉब कौन सी है और कितना मिलता है पैकेज?
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टीचर, डॉक्टर या फिर कोई और… अमेरिका में सबसे बेस्ट जॉब कौन सी है और कितना मिलता है पैकेज?

वॉशिंगटन, 7 फरवरी 2026: अमेरिका में नौकरी करना लाखों लोगों का सपना है। अच्छी सैलरी, वर्क-लाइफ बैलेंस और नौकरी की सुरक्षा इनकी प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट की ताजा रैंकिंग के अनुसार, अमेरिका में सबसे अच्छी नौकरी का खिताब ‘नर्स प्रैक्टिशनर’ को मिला है। नर्स प्रैक्टिशनर क्यों सबसे बेहतरीन: ज्यादा डिमांड: अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के अनुसार, अगले 10 सालों में इस फील्ड में 40% से 46% तक वृद्धि होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि नर्स प्रैक्टिशनर की नौकरियों की कोई कमी नहीं होगी। अधिक अधिकार: नर्स प्रैक्टिशनर सामान्य नर्स की तरह नहीं बल्कि चिकित्सक के समान अधिकार रखते हैं। वे बीमारियों का इलाज कर सकती हैं, लैब टेस्ट का निर्देश दे सकती हैं और दवाइयां लिख सकती हैं। कम तनाव: मेडिकल फील्ड में अक्सर तनाव अधिक होता है, लेकिन नर्स प्रैक्टिशन...
नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026: ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा देशभर में राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाती है और इससे सिर्फ IIT, NIT में MTech या PhD एडमिशन ही नहीं बल्कि कई अन्य करियर ऑप्शन्स भी खुलते हैं।  GATE परीक्षा क्या है? GATE देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे IISc और सभी IITs मिलकर आयोजित करते हैं। इस साल GATE 2026 का आयोजन IIT गुवाहाटी कर रहा है। यह परीक्षा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, आर्किटेक्चर और अन्य विषयों में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए होती है।  GATE का महत्व – सिर्फ MTech या PhD नहीं GATE क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विकल्प IIT-NIT में एमटेक या PhD तक सीमित नहीं हैं। यह स्कोर सरकारी नौकरियों, PSU भर्ती, रिसर्च और स्कॉलरशिप में भी प्राथमिकता दिलाता है। इसके जरिए विद्यार्थी DRDO, ISRO, BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।  बीटेक के बाद GATE पास करने के 5 बड़े फायदे:  शैक्षिक अवसर: GATE स्कोर टॉप IITs, NITs और अन्य सरकारी संस्थानों में MTech और PhD एडमिशन दिलाने में मदद करता है।  सरकारी नौकरियां: GATE क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को PSU और सरकारी भर्ती में प्राथमिकता मिलती है।  रिसर्च अवसर: DRDO, ISRO और BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।  स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप: MTech या PhD प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को हर महीने स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप प्राप्त होती है।  विदेश में अवसर: वैध GATE स्कोर के जरिए विदेश में उच्च अध्ययन और रिसर्च के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह तकनीकी और अकादमिक करियर दोनों में उपयोगी है।  GATE 2026 परीक्षा शेड्यूल: इस साल GATE परीक्षा 7, 8, 14 और 15 फरवरी 2026 को कंप्यूटर मोड में आयोजित होगी। परीक्षा दो शिफ्टों में होगी – पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक।  बीटेक के बाद करियर की दिशा तय करने वाले छात्रों के लिए GATE क्वालिफिकेशन शिक्षा, नौकरी और रिसर्च के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।
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नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026: ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा देशभर में राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाती है और इससे सिर्फ IIT, NIT में MTech या PhD एडमिशन ही नहीं बल्कि कई अन्य करियर ऑप्शन्स भी खुलते हैं। GATE परीक्षा क्या है? GATE देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे IISc और सभी IITs मिलकर आयोजित करते हैं। इस साल GATE 2026 का आयोजन IIT गुवाहाटी कर रहा है। यह परीक्षा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, आर्किटेक्चर और अन्य विषयों में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए होती है। GATE का महत्व – सिर्फ MTech या PhD नहीं GATE क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विकल्प IIT-NIT में एमटेक या PhD तक सीमित नहीं हैं। यह स्कोर सरकारी नौकरियों, PSU भर्ती, रिसर्च और स्कॉलरशिप में भी प्राथमिकता दिलाता है। इसके जरिए विद्यार्थी DRDO, ISRO, BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीटेक के बाद GATE पास करने के 5 बड़े फायदे: शैक्षिक अवसर: GATE स्कोर टॉप IITs, NITs और अन्य सरकारी संस्थानों में MTech और PhD एडमिशन दिलाने में मदद करता है। सरकारी नौकरियां: GATE क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को PSU और सरकारी भर्ती में प्राथमिकता मिलती है। रिसर्च अवसर: DRDO, ISRO और BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप: MTech या PhD प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को हर महीने स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप प्राप्त होती है। विदेश में अवसर: वैध GATE स्कोर के जरिए विदेश में उच्च अध्ययन और रिसर्च के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह तकनीकी और अकादमिक करियर दोनों में उपयोगी है। GATE 2026 परीक्षा शेड्यूल: इस साल GATE परीक्षा 7, 8, 14 और 15 फरवरी 2026 को कंप्यूटर मोड में आयोजित होगी। परीक्षा दो शिफ्टों में होगी – पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक। बीटेक के बाद करियर की दिशा तय करने वाले छात्रों के लिए GATE क्वालिफिकेशन शिक्षा, नौकरी और रिसर्च के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।

सिडनी, 6 फरवरी 2026: ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के बीच हायर एजुकेशन के लिए सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन चुका है। हर साल हजारों भारतीय यहां बैचलर्स, मास्टर्स और डॉक्टोरल कोर्सेस के लिए आते हैं। कई सालों की मेहनत के बाद छात्रों को डिग्री मिलती है और उसके बाद सबसे बड़ा सवाल होता है – ऑस्ट्रेलिया में जॉब कैसे शुरू करें? ऑस्ट्रेलिया में जॉब करने का वीजा:ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा (Subclass 485) उपलब्ध है। यह वीजा छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई वर्कफोर्स का हिस्सा बनने की अनुमति देता है और आगे चलकर अन्य वर्क वीजा के लिए भी पात्र बनाता है। टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा के स्ट्रीम: पोस्ट-हायर एजुकेशन स्ट्रीम: बैचलर्स, मास्टर्स या डॉक्टोरल कोर्स करने वाले छात्रों के लिए। पोस्ट-वोकेशनल एजुकेशन स्ट्रीम: वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेन...
बीटेक के बाद GATE पास करना सिर्फ IIT या MTech के लिए नहीं, जानें 5 बड़े फायदे
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बीटेक के बाद GATE पास करना सिर्फ IIT या MTech के लिए नहीं, जानें 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026: ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा देशभर में राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाती है और इससे सिर्फ IIT, NIT में MTech या PhD एडमिशन ही नहीं बल्कि कई अन्य करियर ऑप्शन्स भी खुलते हैं। GATE परीक्षा क्या है?GATE देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे IISc और सभी IITs मिलकर आयोजित करते हैं। इस साल GATE 2026 का आयोजन IIT गुवाहाटी कर रहा है। यह परीक्षा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, आर्किटेक्चर और अन्य विषयों में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए होती है। GATE का महत्व – सिर्फ MTech या PhD नहींGATE क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विकल्प IIT-NIT में एमटेक या PhD तक सीमित नहीं हैं। यह स्कोर सरकारी नौकरियों, PSU भर्ती, रिसर्च और स्कॉलरशिप में भी प्राथमिकता दिलाता है। इसके जरिए विद्यार्थी DRDO, IS...
एमपी में निकली असिस्टेंट टाउन प्लानर की भर्ती, सैलरी ₹1.77 लाख तक
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एमपी में निकली असिस्टेंट टाउन प्लानर की भर्ती, सैलरी ₹1.77 लाख तक

भोपाल, 6 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास विभाग में सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर सामने आया है। प्रदेश में शहरी नियोजन और विकास में रुचि रखने वाले योग्य अभ्यर्थी अब एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से असिस्टेंट टाउन प्लानर के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। एमपीपीएससी ने हाल ही में इस भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन (विज्ञापन संख्या 02/2026) जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 39 पद भरे जाएंगे। अभ्यर्थी 20 फरवरी 2026 से आवेदन कर सकते हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 19 मार्च 2026 है। परीक्षा का आयोजन 20 सितंबर 2026 को होगा। सैलरी और चयन प्रक्रिया:असिस्टेंट टाउन प्लानर को ₹56,100 से ₹1,77,500 तक वेतन मिलेगा। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा शामिल है। योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से निवेश/नगर नियोजन/शहरी विकास/आवासीय और क्षेत्रीय योजना में ग्रेजुएशन डिग्री। एम.प्लान या AITP...
UPSC का नया नियम: IAS-IPS बनने के बाद बार-बार UPSC एग्जाम देना हुआ बंद, 10 पॉइंट में जानें क्या-क्या बदला
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UPSC का नया नियम: IAS-IPS बनने के बाद बार-बार UPSC एग्जाम देना हुआ बंद, 10 पॉइंट में जानें क्या-क्या बदला

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) में बड़ा बदलाव किया है। अब जो उम्मीदवार IAS, IPS या IFS बन जाते हैं, वे सेवा में रहते हुए बार-बार UPSC एग्जाम नहीं दे पाएंगे। पहले अधिकारी रैंक सुधारने या अन्य सेवा पाने के लिए कई बार परीक्षा में बैठ सकते थे। UPSC CSE 2026 नोटिफिकेशन के अनुसार अब सेवा में रहते हुए उम्मीदवारों को केवल एक ही मौका मिलेगा। UPSC नए नियम के 10 महत्वपूर्ण पॉइंट: सिर्फ एक और मौका:जो उम्मीदवार CSE-2025 या पहले की परीक्षा के आधार पर किसी सेवा में हैं, उन्हें अपनी बचे हुए अटेम्प्ट का इस्तेमाल करने के लिए CSE-2026 या CSE-2027 में एक बार शामिल होने की अनुमति है। इसके लिए उन्हें सेवा से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं होगी। पिछली परीक्षा के नतीजे लागू:जो उम्मीदवार IAS या IFS में नियुक्त हैं, वे CSE-2026 में शामिल नहीं हो सकते। प्रीलिम्स पास करने पर भी मेन्स नहीं:अगर क...
48 बार फेल, फिर भी सपनों को जिंदा रखा… अब संदीप बनेंगे जेल प्रहरी, हौसले की मिसाल
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48 बार फेल, फिर भी सपनों को जिंदा रखा… अब संदीप बनेंगे जेल प्रहरी, हौसले की मिसाल

कुछ कहानियां सिर्फ प्रेरणा नहीं देतीं, बल्कि जुनून और धैर्य की मिसाल बन जाती हैं। राजस्थान के संदीप कुमार की कहानी भी ऐसी ही है। 2019 से लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के बावजूद 48 बार असफल होने के बाद भी संदीप ने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। अब उनकी मेहनत रंग लाई और वह जेल प्रहरी बनेंगे। शुरुआत: सपना सरकारी नौकरी का संदीप कुमार राजस्थान के रहने वाले हैं। उनकी महत्वाकांक्षा सरकारी नौकरी पाने की थी। 2019 में उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और तभी से उनका संघर्ष शुरू हो गया। 48 परीक्षाएं दीं, बार-बार हुए फेल 2026 तक संदीप ने 48 बार प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। इनमें राजस्थान पुलिस, पटवारी और फॉरेस्ट गार्ड जैसी परीक्षाएं शामिल थीं। कई बार उन्होंने अच्छे नंबर भी हासिल किए, लेकिन मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। कभी कम नंबर आए तो कभी फाइनल लिस्ट से बाहर कर दिया गय...