Wednesday, July 22

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खुलने से पहले ही IPO का GMP आसमान पर, निवेशकों के लिए बंपर मुनाफे की उम्मीद
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खुलने से पहले ही IPO का GMP आसमान पर, निवेशकों के लिए बंपर मुनाफे की उम्मीद

नई दिल्ली: इस हफ्ते शेयर बाजार में SME IPO ने तहलका मचा दिया है। ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का IPO शुक्रवार, 26 दिसंबर से खुलेगा और 30 दिसंबर को बंद होगा। हालांकि IPO अभी खुला नहीं है, लेकिन ग्रे मार्केट में इसकी मांग देखते ही बन रही है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) मंगलवार दोपहर 2 बजे 125 रुपये तक पहुंच गया, जबकि प्राइस बैंड 164-174 रुपये था। इसका मतलब है कि निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 72% का मुनाफा मिलने की संभावना है। एक लॉट में 800 शेयर हैं और रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट बुक करने होंगे। 2,78,400 रुपये निवेश पर अनुमानित मुनाफा लगभग 2 लाख रुपये हो सकता है। कंपनी का परिचय: ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की स्थापना 2010 में हुई। यह ISO 9001:2015 सर्टिफाइड कंपनी रेलवे क्षेत्र में सिग्नलिंग और टेलीकम्युनिकेशन, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन, ट्रैक प्रोजेक्ट्...
भारत-न्यूजीलैंड FTA डील: पेटल ढिल्लों की अहम भूमिका, भारत को मिलेगा टैक्स-फ्री एक्सेस और निवेश
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भारत-न्यूजीलैंड FTA डील: पेटल ढिल्लों की अहम भूमिका, भारत को मिलेगा टैक्स-फ्री एक्सेस और निवेश

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी हो गई है। इस समझौते के तहत भारत के सामान को न्यूजीलैंड के बाजार में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी और न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 बिलियन डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का वादा कर चुका है। इस महत्वपूर्ण डील को सफल बनाने में जॉइंट सेक्रेटरी पेटल ढिल्लों (Petal Dhillon) ने केंद्रीय भूमिका निभाई। पेटल ढिल्लों साल 2002 बैच की भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) अधिकारी हैं और वर्तमान में कॉमर्स डिपार्टमेंट में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षा और करियर पेटल ढिल्लों की स्कूलिंग डीपीएस, आरके पुरम से हुई। उन्होंने मिरांडा हाउस, दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ICAI से फाइनेंस और बिजनेस में मास्टर्स डिग्री और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका से पब्लिक एडमिनिस्...
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर: पीक से 78% फिसल, रिटेल निवेशकों के लिए अब क्या करें?
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ओला इलेक्ट्रिक के शेयर: पीक से 78% फिसल, रिटेल निवेशकों के लिए अब क्या करें?

मुंबई: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में भारी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयर अपने पीक स्तर 157.4 रुपये से गिरकर अब लगभग 34.67 रुपये पर आ गए हैं, यानी लगभग 78% की कमी। इस गिरावट से बड़े ग्लोबल निवेशकों को भी भारी नुकसान हुआ है। निवेशकों को हुआ भारी नुकसान सॉफ्टबैंक की SVF II Ostrich (DE) LLC और टेमासेक की सहयोगी MacRitchie Investments सहित कई बड़े निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। सॉफ्टबैंक ने अपने निवेश पर करीब 1,083 करोड़ रुपये का नुकसान देखा, जबकि MacRitchie Investments का नुकसान 548 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जापानी निवेशक भी हुए प्रभावित IPO के दौरान ओला इलेक्ट्रिक में निवेश करने वाले जापानी निवेशकों ने कुछ शेयर बेचे और अपनी हिस्सेदारी 2.15% तक घटा दी। MacRitchie Investments ने भी उच्च कीमत पर शेयर खरीदे थे, लेकिन ...
OPEC+ को पीछे छोड़ चीन बना तेल का ‘किंग’, कीमतों के लिए मिली नई चाबी?
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OPEC+ को पीछे छोड़ चीन बना तेल का ‘किंग’, कीमतों के लिए मिली नई चाबी?

नई दिल्ली: साल 2025 में तेल की दुनिया में नया खेल शुरू हो गया है। आम तौर पर OPEC+ जैसे बड़े उत्पादक देशों का समूह ही तेल की कीमत तय करता है, लेकिन अब चीन ने इस परंपरागत सोच को चुनौती दे दी है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक चीन ने अपने भंडार बढ़ाने के जरिए तेल की कीमतों पर असर डालना शुरू कर दिया है। चीन का रणनीतिक खेल: चीन ने साल 2025 में अपनी घरेलू खपत और रिफाइन किए गए उत्पादों के निर्यात से अधिक तेल खरीदा। इससे तेल की कीमतों के 'फ्लोर' (न्यूनतम स्तर) और 'सीलिंग' (अधिकतम स्तर) तय करने की क्षमता चीन के हाथ में आ गई। जब कीमतें गिरती हैं, तो चीन अधिक तेल खरीदता है; और जब कीमतें बढ़ती हैं, तो खरीद कम कर देता है। OPEC+ की भूमिका: 2022 में OPEC+ ने उत्पादन घटाकर कीमतें बढ़ाई थीं, लेकिन अप्रैल 2025 में उत्पादन बढ़ने पर कीमतें फिर कम होने लगीं। अब, जब बाजार में अतिरिक्त तेल का दबाव है, OPEC+ ने ...
पैनी स्टॉक का धमाका: ₹20 का शेयर पांच दिन में डबल के करीब, 91% की रैली
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पैनी स्टॉक का धमाका: ₹20 का शेयर पांच दिन में डबल के करीब, 91% की रैली

मुंबई: भारतीय स्टॉक मार्केट में स्मॉल कैप शेयर TCI Finance ने investors का ध्यान अपनी ओर खींचा है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के इस शेयर ने बीते सिर्फ़ पांच कारोबारी दिनों में 91% की जबरदस्त तेजी दिखाई। मंगलवार, 23 दिसंबर को यह शेयर ₹21.25 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जो पहले के ₹11.10 से लगभग डबल हो गया। पांच दिन, हर दिन अपर सर्किट: 16 दिसंबर को इस शेयर का बंद भाव ₹11.10 था। 17 और 18 दिसंबर को यह 20% के सर्किट में ट्रेड हुआ। बाद में एक्सचेंजों ने सर्किट को घटाकर 10% कर दिया, लेकिन इसके बावजूद शेयर की तेजी थम नहीं सकी। अगर यह रफ्तार इसी तरह बनी रही, तो दिसंबर महीने में यह जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी बन जाएगी। शेयर बढ़ने के कारण: विश्लेषकों के अनुसार, इस ज़बरदस्त उछाल के पीछे कोई खास फंडामेंटल कारण नहीं दिख रहा है। तकनीकी कारणों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इस तेजी ने निवे...
रुपये को गिरने से बचाने के लिए आरबीआई ने बेचे 11.9 अरब डॉलर
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रुपये को गिरने से बचाने के लिए आरबीआई ने बेचे 11.9 अरब डॉलर

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर 2025 में रुपये को मजबूती देने के लिए शुद्ध रूप से 11.9 अरब डॉलर की बिक्री की। यह कदम इस बात का सबूत है कि विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने का मुख्य काम आरबीआई ही करता है। आरबीआई के दिसंबर बुलेटिन के अनुसार, पूरे वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) में केंद्रीय बैंक ने स्पॉट और फॉरवर्ड दोनों बाजारों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसका उद्देश्य रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकना और बाजार को व्यवस्थित रखना था। स्पॉट और फॉरवर्ड मार्केट में दखल: स्पॉट मार्केट में अक्टूबर में डॉलर की कुल खरीद 17.7 अरब डॉलर तक पहुंची, जो सितंबर के 2.2 अरब डॉलर की तुलना में 704% अधिक थी। वहीं, डॉलर की कुल बिक्री 192% बढ़कर 29.6 अरब डॉलर हो गई। शुद्ध रूप से यह बिक्री 11.9 अरब डॉलर रही, जो सितंबर की 7.9 अरब डॉलर से लगभग 50% अधिक है। फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का सहारा लेकर आरब...
डीडीए फ्लैट्स: 1026 में से सिर्फ 178 बिके, TOD स्कीम को जनता का ठंडा रिस्पॉन्स
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डीडीए फ्लैट्स: 1026 में से सिर्फ 178 बिके, TOD स्कीम को जनता का ठंडा रिस्पॉन्स

नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) हाउसिंग स्कीम को जनता से उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कड़कड़डूमा में पहले चरण के 1026 फ्लैट्स में से केवल 178 का ही ई-ऑक्शन सफल रहा। यह आंकड़ा बताता है कि लोगों ने इस स्कीम को लगभग नकार दिया। TOD स्कीम का उद्देश्य दिल्ली में भीड़भाड़ को कम करना और शहर में व्यवस्थित आवास व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत 2 बीएचके फ्लैट्स का रिजर्व प्राइस 1.78 करोड़ रुपये से लेकर 3.08 करोड़ रुपये तक तय किया गया था। फ्लैट का आकार 141.64 वर्ग मीटर से 250.32 वर्ग मीटर तक है। डीडीए ने अब सफल आवेदकों को “डिमांड कम अलॉटमेंट लेटर” जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह लेटर आवास पोर्टल eservices.dda.org.in के माध्यम से उपलब्ध होंगे। हालांकि इस योजना के लिए 1500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन केवल...
ईवी खरीदने पर दिल्ली में मिल सकती है पार्किंग छूट, पार्लियामेंट्री कमेटी का सुझाव
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ईवी खरीदने पर दिल्ली में मिल सकती है पार्किंग छूट, पार्लियामेंट्री कमेटी का सुझाव

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ई-व्हीकल (EV) खरीदने पर सब्सिडी के अलावा और भी कई प्रोत्साहन मिल सकते हैं। पर्यावरण मंत्रालय की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने इस दिशा में कई सुझाव दिए हैं, ताकि शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। कमेटी ने क्या सुझाव दिए? पार्किंग में छूट: ई-व्हीकल के लिए पार्किंग शुल्क में छूट देने पर विचार किया जा सकता है। पारंपरिक गाड़ियों पर अतिरिक्त चार्ज: पेट्रोल और डीजल कारों से अतिरिक्त पार्किंग शुल्क वसूला जा सकता है। नई नॉन-इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन: सालाना एक सीमा तय करके नई पारंपरिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नियंत्रित किया जा सकता है। ग्रीन कार लोन: प्राइवेट सेक्टर के बैंक ईंधन के प्रकार के हिसाब से ब्याज दरों के साथ ग्रीन कार लोन शुरू कर सकते हैं। फिटनेस टेस्ट और उत्सर्जन मानक में बदलाव प्राइवेट गाड़ियों का प...
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील: फायदे और नुकसान आसान भाषा में
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भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील: फायदे और नुकसान आसान भाषा में

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली। इस समझौते से भारत के सामान को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना किसी टैक्स (ड्यूटी-फ्री) के प्रवेश मिलेगा। डील का सबसे ज्यादा फायदा कपड़ा और चमड़ा जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर्स को होगा। वहीं, न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) निवेश का भी वादा किया है। भारत को क्या फायदा? भारत से आने वाले 100% सामानों पर न्यूजीलैंड जीरो-ड्यूटी एक्सेस देगा। इससे भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में अपना कारोबार फैलाने में मदद मिलेगी। डेयरी, मीट, सब्जियां, चीनी, तांबा और एल्युमीनियम जैसे संवेदनशील सेक्टर्स पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। न्यूजीलैंड को क्या फायदा? न्यूजीलैंड से आने वाले भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और लकड़ी टैक्स फ्री होंगे। कीवी, वाइन, चेरी, एवोकैडो और ...