
पटना: बिहार के रियल एस्टेट क्षेत्र के चर्चित बिल्डर और VIP पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजीव मिश्रा के पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर आयकर विभाग ने शुक्रवार को लंबी छापेमारी पूरी की। अररिया, सुपौल और पूर्णिया जिलों में ग्रुप के 20 से अधिक ठिकानों पर तीन दिन तक चली इस छापेमारी में करोड़ों की काली कमाई और बेनामी संपत्ति का पर्दाफाश हुआ।
आयकर विभाग को क्या-क्या मिला?
आयकर विभाग ने पनोरमा ग्रुप के ठिकानों से जब्त की गई संपत्ति में शामिल हैं:
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करीब 3 किलो सोना और अन्य ज्वेलरी।
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1.25 करोड़ रुपये से अधिक कैश।
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जमीन, फ्लैट और मकान के 400 से अधिक दस्तावेज।
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कंपनी के कर्मचारियों और CMD संजीव मिश्रा के मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल डेटा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कैश मुख्यतः पूर्णिया के डिस्ट्रिक्ट स्कूल रोड स्थित कंपनी के मेन ऑफिस से बरामद किया गया। दस्तावेजों की अनुमानित वैल्यू 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
ऑपरेशन में शामिल अधिकारी और प्रक्रिया
इस छापेमारी में पटना, रांची और भागलपुर से आए लगभग 200 आयकर अधिकारी शामिल थे। सुरक्षा और गोपनीयता के लिहाज से रेड के दौरान बाहरी लोगों का आना-जाना रोका गया। टीम ने बैंक अकाउंट, जमीन के लेन-देन, इन्वेस्टमेंट डॉक्यूमेंट, डिजिटल रिकॉर्ड और लैपटॉप की जांच की।
अधिकारियों का कहना है कि पनोरमा ग्रुप ने कैश इनफ्लो के लिए कोई सही बुक या अकाउंट नहीं बनाए थे। पूरे सिस्टम में प्रॉफिट को कैश, प्रॉपर्टी एक्सचेंज और ऑफ-द-बुक तरीकों से शेयर किया जाता था।
6 महीने से विभाग की निगरानी में था ग्रुप
पनोरमा ग्रुप पिछले 6 महीनों से आयकर विभाग की रडार पर था। लंबी जांच और सबूत जुटाने के बाद विभाग ने ग्रुप की विभिन्न संस्थाओं, जैसे ई-होम्स, स्कूल और अस्पताल पर एक साथ छापा मारा। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद टैक्स चोरी का एक बड़ा मामला सामने आ सकता है।
आयकर विभाग की यह कार्रवाई राज्य में काले धन और बेनामी संपत्ति के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
