
गाजियाबाद: हिंडन एयरपोर्ट के एक्सटेंशन प्रोजेक्ट पर अब तक कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा सका है। कैबिनेट से जमीन अधिग्रहण का अप्रूवल न मिलने के कारण यह योजना अटकी हुई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और प्रशासन ने पहले ही दो-दो बार जमीन सर्वे करवाया है। प्रस्तावित अधिग्रहण में 8 एकड़ जमीन शामिल है, जिसे मंडलायुक्त के स्तर से शासन में भेजे गए प्रपोजल के बाद ही आगे बढ़ाया जा सकेगा।
हिंडन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस प्रक्रिया में देरी के चलते जिम्मेदार अधिकारियों को रिमाइंडर लेटर भेजा है। वर्तमान में एयरपोर्ट के पास पर्याप्त पार्किंग की कमी है। कर्मचारी, अधिकारी, सुरक्षा एजेंसियों और निजी एयरलाइंस के लोग भी पार्किंग की समस्या झेल रहे हैं। किसी वीआईपी विजिट के समय यह स्थिति और जटिल हो जाती है।
एयरपोर्ट निदेशक ने कही यह बात
हिंडन एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक डॉ. महेश चिलका ने बताया कि “हम लोग एक्सटेंशन पर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से अप्रूवल के बिना कोई कदम आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।”
अतिरिक्त हैंगर और पार्किंग पर अब तक कोई फैसला नहीं
अतिरिक्त पार्किंग और हैंगर एरिया के लिए भारतीय वायुसेना के साथ भी अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 34,500 स्क्वॉयर मीटर जमीन मांगी है, लेकिन वायुसेना ने कहा है कि उस क्षेत्र में उनका एक स्ट्रक्चर बन रहा है। अथॉरिटी वायुसेना द्वारा बताए गए स्ट्रक्चर के अनुसार जमीन का उपयोग कर सकेगी।
हिंडन एयरपोर्ट का यह विस्तार प्रोजेक्ट कर्मचारियों, एयरलाइंस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए सुविधाओं में सुधार और पार्किंग की समस्या के समाधान के लिहाज से बेहद जरूरी माना जा रहा है।
