
भोपाल: शहर में दूषित जल आपूर्ति और गौवंश विवाद को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भोपाल नगर निगम (BMC) मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। भारी पुलिस सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स फांदकर निगम परिसर में प्रवेश कर गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए महापौर और एमआईसी सदस्यों के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। ज्ञापन सौंपने के बाद, कार्यकर्ताओं ने महापौर और एमआईसी सदस्यों के पुतले रावण के रूप में जलाए। साथ ही महापौर की 11 सिर वाली कटआउट भी निकाली गई, जिसे देखकर निगम परिसर में भारी हंगामा मच गया।
11:30 बजे से शुरू हुआ विरोध
रवींद्र साहू ‘झूमरवाला’ के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन सुबह लगभग 11:30 बजे शुरू हुआ। शहर के विभिन्न वार्डों, जिनमें बीएचईएल क्षेत्र भी शामिल है, के पूर्व निगम पार्षद और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। साहू ने बताया कि कई वार्डों में लगातार गंदा, बदबूदार और दूषित पानी पहुंचाया जा रहा है, जो बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने नगर निगम से सख्त कार्रवाई और गहन जांच की मांग की।
गोहत्या पर सनातनी सरकार की चुप्पी पर सवाल
पूर्व जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना ने आरोप लगाया कि भोपाल के जिंसी चौराहे के नीचे गोहत्या हो रही है और लाखों टन मांस अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुद को सनातनी बताने वाली सरकार इस मुद्दे पर चुप है।
महापौर से इस्तीफे की मांग
मोनू सक्सेना ने यह भी कहा कि नगर निगम ने नियमों को ताक पर रखकर स्लाटर हाउस का टेंडर दिया है, जिसमें महापौर मालती राय और एमआईसी का हाथ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहरवासी टैक्स देते हैं, लेकिन उन्हें साफ पानी और अच्छी सड़कें नहीं मिलती। नालियों की स्थिति भी खराब है। इसलिए, गोहत्या को बढ़ावा देने वाली महापौर को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
