Tuesday, February 10

तुलसी की सूखी लकड़ी का कमाल: मच्छर भगाएँ, चाय मसाला बनाएँ और जैविक खाद तैयार करें

नई दिल्ली: अक्सर लोग तुलसी का पौधा सूखने पर उसे बेकार समझकर हटा देते हैं। लेकिन गार्डनिंग एक्सपर्ट्स की सलाह है कि तुलसी की सूखी लकड़ियां बड़े काम की हैं। इन्हें फेंकना बड़ी भूल हो सकती है। धार्मिक रूप से पवित्र और औषधीय गुणों से भरपूर इन लकड़ियों का इस्तेमाल हवन, मच्छर भगाने, चाय मसाला बनाने और जैविक खाद तैयार करने में किया जा सकता है।

This slideshow requires JavaScript.

1. मच्छर भगाने का प्राकृतिक तरीका

बाजार में मिलने वाली मॉस्किटो कॉइल्स स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती हैं। तुलसी की सूखी लकड़ियों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर कपूर के साथ जलाएं। इसका सुगंधित धुआं घर के कोनों से मच्छरों और छोटे कीटों को दूर कर देता है। यह पूरी तरह केमिकल-फ्री और सुरक्षित उपाय है।

2. जैविक खाद तैयार करना

अगर लकड़ियां ज्यादा गल चुकी हैं, तो उन्हें छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में दबा दें। तुलसी के अवशेष मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं और अन्य पौधों को फंगस और संक्रमण से बचाते हैं।

3. चाय मसाला बनाना

सूखी तहनियों को पीसकर मोटे पार्ट का इस्तेमाल चाय मसाला बनाने में किया जा सकता है। इसमें 2-3 चम्मच गुलाब की पत्तियां, लौंग, इलायची, सौंफ, दालचीनी और मुलेठी मिलाएँ। सभी सामग्री को पीसकर स्वादिष्ट और सुगंधित चाय मसाला तैयार किया जा सकता है।

4. हवन और यज्ञ में उपयोग

घर में छोटे हवन या रोज़ की आरती के दौरान तुलसी की सूखी लकड़ियां गुग्गुल-लोबान में डालें। इससे वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक शांति बढ़ती है।

5. तुलसी जल का इस्तेमाल

पतली लकड़ियों को तांबे के लोटे में पानी भरकर डालें। कुछ घंटों बाद इस जल का छिड़काव पूरे घर में करें। तुलसी जल हवा में मौजूद बैक्टीरिया को कम करता है और आध्यात्मिक रूप से घर में पवित्रता बढ़ाता है।

6. तुलसी की माला बनाना

थोड़ी मोटी सूखी लकड़ियों को मोतियों में काटकर पिरोएं। यह माला लड्डू गोपाल के लिए कंठी माला या हाथ में पहनने योग्य माला के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की माला पहनना शुभ और सुरक्षात्मक माना जाता है।

गार्डनिंग एक्सपर्ट रेनू के अनुसार, तुलसी की सूखी लकड़ियों का सही उपयोग न केवल पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि घर में सुख, शांति और पवित्रता भी बनाए रखता है।

Leave a Reply