
कानपुर: कानपुर शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए बन रही 93 किलोमीटर लंबी कानपुर रिंग रोड परियोजना को गति मिल गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने शुक्रवार को साइट का निरीक्षण करते हुए बताया कि पहला चरण सितंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा, जबकि पूरे प्रोजेक्ट का कार्य वर्ष 2028 तक समाप्त होने की संभावना है।
परियोजना का विस्तार और प्रमुख कड़ियां
कानपुर रिंग रोड 6 लेन की होगी और इसका कुल लंबाई 93 किलोमीटर है। परियोजना में चकेरी एयरपोर्ट को 1.45 किलोमीटर लंबी सड़क के माध्यम से रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। अब तक परियोजना का लगभग 25 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
परियोजना के तहत कुल 6 बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें बिठूर में गंगा नदी पर 3300 मीटर लंबा पुल और चकेरी में 1100 मीटर लंबा पुल शामिल हैं, जो इस परियोजना की सबसे अहम कड़ियां मानी जा रही हैं।
ट्रैफिक की गति में होगी तीन गुना वृद्धि
NHAI अधिकारियों का दावा है कि रिंग रोड के बनने के बाद शहर में ट्रैफिक की गति तीन गुना बढ़ जाएगी। वर्तमान में हमीरपुर और बुंदेलखंड की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को कानपुर शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम की समस्या रहती है। रिंग रोड बनने के बाद वाहन शहर के बाहर से ही लखनऊ के लिए आसानी से जा सकेंगे।
रिंग रोड कानपुर, उन्नाव और कानपुर देहात जिलों से होकर गुजरेगी। लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे को उन्नाव में रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, वहीं कानपुर–कबरई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को रमईपुर में कनेक्ट किया जाएगा।
अप्रैल से खुलेंगे मार्ग, तैयार होंगे रेस्ट रूम
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे पर केवल 105 मीटर का काम शेष है, जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। अनुमान है कि 20 मार्च तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और अप्रैल से एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोला जाएगा। एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ रेस्ट रूम बनाए जाएंगे, जिनके लिए टेंडर भी जारी हो चुके हैं।