
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस से पहले राजधानी का माहौल बिगाड़ने की कथित साजिश को दिल्ली पुलिस ने विफल कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तान समर्थित नारे लिखने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में इस साजिश के तार विदेश में बैठे प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से जुड़े तत्वों तक पहुंचने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिल्ली के दो अलग-अलग इलाकों में ‘प्रो-खालिस्तान’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखकर अशांति फैलाने की कोशिश की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई कथित तौर पर संगठन से जुड़े एक व्यक्ति के निर्देश पर की गई थी।
विदेश से जुड़े साजिश के तार
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह साजिश कनाडा से संचालित नेटवर्क के जरिए रची गई थी। आरोप है कि दोनों आरोपियों — बलजिंदर और रोहित उर्फ कीरथ — को इस काम के लिए दो लाख रुपये का लालच दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, बलजिंदर दिल्ली में एंबुलेंस चालक के रूप में काम करता है, जबकि रोहित उसका करीबी सहयोगी है।
और गिरफ्तारियां संभव
स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि इस साजिश में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इससे पहले 23 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राजधानी में अशांति फैलाने की कथित धमकियों को लेकर एफआईआर दर्ज की थी। भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में आपराधिक साजिश, राष्ट्रीय एकता व अखंडता को खतरे में डालने और सुरक्षा संबंधी अपराधों के आरोप शामिल हैं।
वीडियो से शुरू हुई जांच
यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद तेज हुई, जिसमें कथित तौर पर गणतंत्र दिवस के आसपास दिल्ली को निशाना बनाने की धमकियां दी गई थीं। वीडियो में राजधानी के कुछ इलाकों में स्लीपर सेल सक्रिय होने का दावा भी किया गया था।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बहु-स्तरीय एजेंसियों के साथ समन्वय में जारी है, ताकि किसी भी तरह की असामाजिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।