
लखनऊ। बलरामपुर के छांगुर बाबा गिरोह के अहम सदस्य ईदुल इस्लाम और श्रीनाथ उर्फ श्रीकांत श्रीवास के खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने 18 दिसंबर 2025 को FIR दर्ज करवाई। मामला गंभीर है क्योंकि गिरोह ने प्रधानमंत्री की तस्वीर का अनुचित प्रयोग करते हुए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया और उसे वास्तविक बताकर इस्तेमाल किया।
PMO में तैनात असिस्टेंट डायरेक्टर एके शर्मा द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत में बताया गया है कि ‘भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ’ नामक संगठन अपने लेटर हेड पर पीएम की फोटो का उपयोग कर रहा था, जो कानूनन प्रतिबंधित है।
आरटीआई से हुआ खुलासा
पीएमओ को यह मामला तब पता चला जब दिल्ली निवासी दीपक मलिक ने 2 अप्रैल 2024 को आरटीआई के तहत संगठन से जानकारी मांगी। इसके साथ संलग्न लेटर हेड पर पीएम की फोटो छपी थी। जांच में यह सामने आया कि संगठन ने 2021 में सोसाइटी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद अपने लेटर हेड पर प्रधानमंत्री, महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीरें शामिल कर ली थीं।
जांच में 2021 और 2022 की दो संदिग्ध चिट्ठियां भी मिलीं, जिनमें प्रधानमंत्री की तस्वीर का उपयोग किया गया। सीबीआई ने बताया कि यह केवल प्रतीकों का दुरुपयोग नहीं था, बल्कि लोगों को संगठन में पद देने के नाम पर भ्रमित करने की योजना थी।
फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए ‘अवध प्रांत प्रमुख’ की नियुक्ति
एफआईआर के अनुसार, संगठन के स्वयंभू पदाधिकारियों ईदुल इस्लाम और श्रीकांत श्रीवास ने जनवरी 2023 में एक फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया। इसे अवैध धर्मांतरण गैंग के सरगना सूफी जलालुद्दीन शाह उर्फ छांगुर शाह को भेजा गया। पत्र में ईदुल इस्लाम ने जनरल सेक्रेटरी के रूप में हस्ताक्षर किए, जबकि श्रीकांत श्रीवास के हस्ताक्षर डिजिटल इमेज के जरिए चिपकाए गए थे।
इस फर्जी पत्र के माध्यम से छांगुर को ‘अवध प्रांत प्रमुख’ नियुक्त किया गया। इस मामले में जालसाजी, जाली दस्तावेज का उपयोग और राष्ट्रीय प्रतीकों के अनुचित प्रयोग के आधार पर केस दर्ज किया गया है।