
झांसी (उत्तर प्रदेश) से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी तीसरी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव के टुकड़े कर रोज उन्हें जलाता रहा। हैरानी की बात यह है कि ठंड से “बचाने” के लिए वह शव को कंबल भी ओढ़ाता था और अवशेषों को छिपाने के लिए उसने नीले रंग का लोहे का बक्सा (ड्रम) तक खरीद लिया था।
क्या है पूरा मामला
आरोपी की पहचान राम सिंह परिहार (64) के रूप में हुई है, जो झांसी में रिटायर्ड रेलकर्मी है। उसकी तीसरी पत्नी प्रीति (करीब 32 वर्ष छोटी) के साथ वह किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, राम सिंह को शक था कि प्रीति किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बात करती है और उससे पैसों की मांग भी बढ़ती जा रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा और करीब 10 दिन पहले राम सिंह ने कुल्हाड़ी से वार कर प्रीति की हत्या कर दी।
हत्या के बाद उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए एक खौफनाक तरीका अपनाया। वह रोज शव का एक-एक अंग काटता, उसे लोहे के संदूक में रखकर जलाता और फिर अवशेष छिपाने की कोशिश करता रहा। पहचान न हो सके, इसके लिए उसने नीले रंग का ड्रम भी खरीदा था।
दूसरी पत्नी और बेटे को भी बनाया मददगार
राम सिंह ने शव के अवशेष ठिकाने लगाने के लिए अपनी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन से मदद मांगी। नितिन चार लोगों को लेकर आया। सभी ने अधजले शव के टुकड़ों को एक बैग में रखा और 400 रुपये में ऑटो किराए पर लिया। रविवार तड़के वे शव को ठिकाने लगाने जा रहे थे, तभी ऑटो चालक को तेज दुर्गंध आई। उसे शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।
ऐसे हुआ खुलासा
ऑटो चालक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बैग की तलाशी लेने पर अधजली लाश के टुकड़े बरामद हुए। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आ रहा राम सिंह पुलिस को देखकर भाग निकला, लेकिन देर रात उसे पकड़ लिया गया। बाद में उसकी दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
पुलिस के सामने कबूली पूरी सच्चाई
एसएसपी झांसी बीवीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि राम सिंह ने पुलिस पूछताछ में पूरी वारदात कबूल कर ली है। उसने यह भी कहा कि वह नदी में कूदकर आत्महत्या करने की सोच रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
रिश्ते की शुरुआत और विवाद
जानकारी के मुताबिक, प्रीति पहले एक रेलवे अफसर के घर खाना बनाती थी। वहीं राम सिंह से उसका संबंध बना। राम सिंह पहले से शादीशुदा था और अपनी दूसरी पत्नी के साथ रहता था, इसके बावजूद प्रीति उसके साथ रहने लगी। बाद में परिवार में विवाद बढ़ा तो 8 जनवरी को दोनों किराए के मकान में आ गए, जहां यह खौफनाक वारदात अंजाम दी गई।