
सर्दियों में मूंगफली और गुड़ की चिक्की का नाम सुनते ही स्वाद का अहसास होने लगता है। लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जिसमें घर पर बनी चिक्की इतनी कड़क निकली कि खाते ही बच्चे का दांत टूट गया। यह घटना बताती है कि स्वादिष्ट चिक्की बनाने में थोड़ी सी लापरवाही भी उसे दांतों के लिए खतरनाक बना सकती है।
दरअसल, चिक्की का असली मजा तभी है जब वह दांतों से आसानी से टूट जाए, न कि दांत ही तोड़ दे। विशेषज्ञों के अनुसार, चिक्की के अत्यधिक कठोर होने की सबसे बड़ी वजह गुड़ की चाशनी को जरूरत से ज्यादा पकाना है। अधिक देर तक उबालने पर गुड़ शीशे जैसा सख्त हो जाता है, जिससे चिक्की पत्थर जैसी बन जाती है।
सही गुड़ का चुनाव है जरूरी
चिक्की का रंग और टेक्सचर पूरी तरह गुड़ की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। गहरे लाल या काले गुड़ के बजाय हल्के पीले या भूरे रंग का गुड़ बेहतर माना जाता है। गुड़ को कड़ाही में डालने से पहले छोटे टुकड़ों में काटना या कद्दूकस करना चाहिए, ताकि वह एकसार पिघले और जले नहीं।
घी डालना न भूलें
गुड़ की चाशनी में एक बड़ा चम्मच देसी घी डालना बेहद जरूरी है। घी न केवल चिक्की में चमक लाता है, बल्कि उसे सॉफ्ट क्रंच भी देता है। इससे चिक्की दांतों में चिपकती नहीं और अत्यधिक कठोर भी नहीं होती।
चाशनी का वॉटर टेस्ट है सबसे अहम
गुड़ को धीमी आंच पर पकाते समय चाशनी की जांच जरूरी है। इसके लिए ठंडे पानी की कटोरी में चाशनी की कुछ बूंदें डालें। अगर बूंदें गिरते ही ‘टक’ की आवाज के साथ टूट जाएं, तो चाशनी तैयार है। इसी समय गैस धीमी कर दें, वरना चाशनी ज्यादा पककर कड़क हो जाएगी।
बेकिंग सोडा का छोटा सा राज
गैस बंद करने से ठीक पहले चाशनी में एक चुटकी बेकिंग सोडा डालने से वह हल्की और फूली हुई बनती है। इससे चिक्की के अंदर हल्की हवा भर जाती है और वह पत्थर जैसी सख्त होने के बजाय खस्ता बनती है।
मूंगफली और कटिंग का सही तरीका
मूंगफली को हल्का भूनकर छिलका उतारें और दो हिस्सों में तोड़ लें। उन्हें गुनगुना ही चाशनी में मिलाएं। मिश्रण तैयार होते ही घी लगी प्लेट या बटर पेपर पर फैलाएं और गर्म रहते हुए बेल लें। सबसे जरूरी बात—चिक्की में कट तब ही लगाएं जब वह हल्की गर्म हो, पूरी तरह ठंडी होने पर वह सख्त हो जाती है और टूटने लगती है।
निष्कर्ष
घर पर बनी चिक्की सेहतमंद और स्वादिष्ट हो सकती है, बस जरूरत है सही तापमान, सही समय और सही तकनीक की। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप भी बाजार जैसी कुरकुरी और दांतों के लिए सुरक्षित चिक्की बना सकते हैं।