
तेहरान: भले ही ईरान अब तक परमाणु हथियार बनाने में सफल न हो पाया हो, लेकिन उसकी सैन्य ताकत लगातार बढ़ती जा रही है। खासतौर पर ड्रोन और मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में ईरान ने ऐसी क्षमता विकसित कर ली है, जिसने अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान के हथियार भंडार में मौजूद अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAV) इतने घातक माने जा रहे हैं कि किसी भी संभावित हमले से पहले अमेरिका को सौ बार सोचने पर मजबूर कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान के ये ड्रोन न केवल इजरायल बल्कि मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों और यहां तक कि एयरक्राफ्ट कैरियर तक को गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। ईरान ने अपनी रणनीतिक सैन्य नीति में ड्रोन को अहम स्थान दिया है और इन्हें खासतौर पर लंबी दूरी के हमलों के लिए डिजाइन किया गया है।
आत्मघाती ड्रोन में ईरान की बड़ी ताकत
ईरान के पास कम से कम 10 तरह के आत्मघाती (सुसाइड) ड्रोन हैं, जो लक्ष्य से टकराकर विस्फोट करने के लिए बनाए गए हैं। ये ड्रोन कम ऊंचाई पर उड़ते हैं, जिससे एडवांस रडार सिस्टम भी इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाते। बैलिस्टिक मिसाइल जैसी सटीकता के कारण ये बेहद खतरनाक माने जाते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, शाहेद-136 जैसे ड्रोन 45 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम हैं।
शाहेद-149 ‘गाजा’ ड्रोन
शाहेद-149 गाजा को ईरान का सबसे बड़ा और सबसे एडवांस मानवरहित लड़ाकू ड्रोन माना जाता है। यह ड्रोन ईरानी वायुसेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा ऑपरेट किया जाता है। करीब 3,000 किलोग्राम वजन वाला यह ड्रोन 35 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और इसकी रफ्तार 350 किमी प्रति घंटा है। इसकी मारक क्षमता लगभग 1,000 किलोमीटर तक बताई जाती है।
शाहेद-129 ड्रोन
शाहेद-129 ड्रोन को सर्विलांस और हमले, दोनों के लिए तैयार किया गया है। यह 24 घंटे तक आसमान में रहकर निगरानी कर सकता है और जरूरत पड़ने पर हमला भी कर सकता है। इसकी तुलना अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन से की जाती है। यह एक साथ आठ बम या सदीद मिसाइलों से हमला करने में सक्षम है और इसकी रेंज लगभग 1,700 किलोमीटर है।
शाहेद-136 (गेरान-2)
शाहेद-136 ड्रोन को 2021 में IRGC को सौंपा गया था। यह एक लोइटरिंग और कामिकाजे स्टाइल ड्रोन है, जिसकी उड़ान रेंज 1,300 से 2,500 किलोमीटर तक मानी जाती है। इसमें 40 किलोग्राम का वॉरहेड लगाया जा सकता है। यूक्रेन युद्ध में इसके इस्तेमाल के बाद यह पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया। ईरान ने 2022 के बाद रूस को हजारों शाहेद-136 ड्रोन बेचे हैं।
क़ोड्स मोहजर-10
क़ोड्स मोहजर-10 को ईरान का सबसे वर्सेटाइल और लॉन्ग-रेंज ड्रोन माना जाता है। इसकी ऑपरेशनल रेंज करीब 2,000 किलोमीटर है और यह 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह 300 किलोग्राम तक हथियार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने में सक्षम है। यह ड्रोन दिखने में अमेरिकी MQ-9 रीपर जैसा है।
हदीद-110 (दलाहू)
हदीद-110 ड्रोन को खासतौर पर सुसाइड मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। इसे पहली बार 2025 में ईरान के रक्षा मंत्रालय की प्रदर्शनी में पेश किया गया था। यह ड्रोन रॉकेट की मदद से लॉन्च होता है और मिनी जेट इंजन से संचालित होता है। इसकी अधिकतम गति 510 किमी प्रति घंटा है और यह 350 किलोमीटर तक हमला कर सकता है।
समुद्री ड्रोन क्षमता का भी प्रदर्शन
पिछले साल ईरान ने अपनी समुद्री ड्रोन क्षमता का भी प्रदर्शन किया। ईरान ने ड्रोन-कैरियर युद्धपोत शाहिद बहमन बाकेरी लॉन्च किया, जिसे IRGC नेवी संचालित करती है। इस जहाज में 180 मीटर लंबा रनवे है और यह बिना बंदरगाह पर ईंधन भरे 22,000 नॉटिकल मील तक यात्रा कर सकता है। इसमें अस्पताल और चालक दल के लिए जिम जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।