Saturday, January 17

कश्मीर में मस्जिदों का डेटा जुटाने पर पाकिस्तान ने उगला जहर, कहा- मुस्लिमों को डराने की कोशिश

इस्लामाबाद/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में मस्जिदों, इमामों और मस्जिद कमेटियों के अधिकारियों का डेटा जुटाने को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया और कहा कि इसका मकसद मुस्लिम आबादी को डराना और उन्हें हाशिए पर धकेलना है।

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पाकिस्तान ने इस कदम को “धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन” करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि धार्मिक अधिकारियों की निजी जानकारी, तस्वीरें और सांप्रदायिक जुड़ाव का डेटा इकठ्ठा करना व्यवस्थित उत्पीड़न के बराबर है। पाकिस्तान ने एक बार फिर कहा कि वह कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा और उनके खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के धार्मिक उत्पीड़न का विरोध करेगा।

क्या है मामला?

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मस्जिदों और इमामों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए चार पन्नों का फॉर्म जारी किया है। इसमें व्यक्तिगत विवरण, फोन नंबर, आर्थिक जानकारी, परिवार से जुड़ी जानकारी, पासपोर्ट और यात्रा संबंधी विवरण मांगे गए हैं।

पाकिस्तान की निंदा और पुराना राग

पाकिस्तान का कश्मीर पर रोना नया नहीं है। दशकों से पाकिस्तानी राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व कश्मीर में आतंकवादियों के माध्यम से हिंसा फैलाता रहा है। अप्रैल 2025 में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई। इस हमले से एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने कश्मीर को लेकर विवादित बयान देते हुए दो राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया था।

पाकिस्तान का यह बयान एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में भारत की सुरक्षा और प्रशासनिक नीतियों पर सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

 

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