Thursday, January 8

कभी पिता बनना चाहते थे क्रिकेटर, अब बेटा पूरा कर रहा सपना: आरोन जॉर्ज ने साउथ अफ्रीका में शतक जमाया

नई दिल्ली: भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के ओपनर आरोन जॉर्ज ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे में शानदार शतक जमाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। मात्र 91 गेंदों में शतक पूरा करने वाले जॉर्ज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को मजबूती दी।

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 3 मैचों की अंडर-19 वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला बेनोनी में खेला गया। भारत की पारी की शुरुआत कप्तान वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज ने की। दोनों ही खिलाड़ियों ने शतकीय पारी खेली, जिसमें जॉर्ज का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

आरोन जॉर्ज कौन हैं?
आरोन जॉर्ज राइट हैंड बल्लेबाज हैं और उन्होंने अंडर-19 एशिया कप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। जन्म केरल में हुआ, लेकिन वह हैदराबाद के लिए खेलते हैं। वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उनके पिछले दो सीज़न का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें उन्होंने क्रमशः 341 और 373 रन बनाए।

पिता का सपना बेटा पूरा कर रहा
आरोन के पिता ईसो वर्गीज भी क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे, लेकिन उन्हें उस समय आवश्यक समर्थन नहीं मिला और वह प्रोफेशनल क्रिकेट तक नहीं पहुँच पाए। अब उनके बेटे आरोन जॉर्ज के प्रदर्शन से पिता का सपना सच हो रहा है। जॉर्ज का आइडल दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स हैं।

2022-23 की विजय मर्चेंट ट्रॉफी में बिहार के खिलाफ आरोन जॉर्ज ने तिहरा शतक भी लगाया था। मात्र 19 साल की उम्र में, जॉर्ज ने अब तक भारत के लिए 7 यूथ वनडे खेले हैं, जिसमें उन्होंने 61.83 की औसत से 371 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से अब तक 1 शतक और 3 अर्धशतक देखने को मिले हैं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में जॉर्ज 118 रन बनाकर आउट हुए।

सार: आरोन जॉर्ज की तेज़ और दमदार बल्लेबाजी ने उन्हें युवा क्रिकेटरों में एक उभरता सितारा बना दिया है। पिता के अधूरे सपने को पूरा करते हुए, जॉर्ज भविष्य में भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उम्मीद बनकर उभर रहे हैं।

 

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