
नई दिल्ली: आईवीएफ तकनीक आज कई दंपतियों के लिए वरदान साबित हुई है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों के मन में इस प्रक्रिया को लेकर कई गलत धारणाएं मौजूद हैं। हाल ही में ऐसी ही एक महिला दिल्ली में गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. तान्या गुप्ता के पास पहुंचीं। महिला ने आईवीएफ करवाने का कारण बताते हुए कहा कि वह लड़का चाहती हैं।
इस पर डॉक्टर गुप्ता भड़क उठीं और साफ तौर पर कहा कि ‘आईवीएफ से बेटा या लड़की चुनना संभव नहीं है’। उन्होंने महिला को समझाया कि भारत में प्री-जेनिटिक टेस्ट बैन है और किसी भी तकनीक के जरिए बच्चे का लिंग तय नहीं किया जा सकता।
डॉ. गुप्ता ने आगे बताया:
अगर कोई कहे कि किसी खास क्लिनिक से आईवीएफ कराओ, लड़का होगा, तो यह पूरी तरह गलत है।
लड़के या लड़की के लिए आईवीएफ करवाना केवल समय और पैसा बर्बाद करने जैसा है।
आज के समय में और दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहते हुए भी ऐसा सोचना पागलपन है।
समानता की सीख:
डॉक्टर गुप्ता ने महिला को यह भी समझाया कि लड़के और लड़की दोनों बराबर हैं। पहले दो बच्चियां होने का मतलब यह नहीं कि अगली बार लड़का होना तय है। बस सामान्य प्रयास से ही बच्चा संभव है।
डॉ. गुप्ता ने कहा, “मैं खुद एक महिला और डॉक्टर हूं। अगर मेरे घर वाले भी ऐसी सोच रखते, तो क्या होता? इसलिए ध्यान रखें, बच्चे का लिंग मायने नहीं रखता, सबसे जरूरी है मां और बच्चे की सेहत।”
जानकारी का स्रोत: यह खबर और सलाह इंस्टाग्राम रील पर आधारित है।