
प्रयागराज: लखनऊ के बाद अब प्रयागराज में एक 63 वर्षीय रिटायर्ड शिक्षिका चंचल श्रीवास्तव साइबर ठगी के शिकार होने से बचीं। बैंक कर्मचारियों की सतर्कता ने उनके 1 करोड़ 20 लाख रुपये की एफडी सुरक्षित रखी।
31 दिसंबर 2025 को ठगों ने बुजुर्ग महिला को “डिजिटल अरेस्ट” कर डराया-धमकाया। घबराई हुई महिला पंजाब नेशनल बैंक पहुंचीं और 90 लाख रुपये की एफडी तोड़कर अपने सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कह दिया।
बैंक कर्मचारियों की चौकसी बनी जान का सहारा
बड़ी रकम देखकर फ्रंट ऑफिस की नीतू ने तुरंत चीफ मैनेजर विपिन कुमार को सूचित किया। बैंक मैनेजर ने बुजुर्ग महिला से सावधानीपूर्वक बातचीत की और पूछा कि इतनी बड़ी राशि क्यों ट्रांसफर करनी है। महिला बार-बार अपने फोन को छिपा रही थीं और पैसे किस अकाउंट में भेजना है, यह स्पष्ट नहीं कर पा रही थीं।
बैंक स्टाफ ने महिला का पीछा किया
मैनेजर को संदेह था कि बाहर निकलने पर साइबर ठग महिला को फोन करेंगे। उन्होंने बैंक स्टाफ नीतू को महिला के पीछे भेजा। जैसे ही ठगों ने महिला से संपर्क किया, साइबर क्राइम थाना पुलिस को सूचित किया गया और पुलिस मौके पर पहुंच गई।
बुजुर्ग महिला को उलझाया गया और खाता जांचा गया
करीब दो घंटे की पूछताछ में महिला ने कोटक महिंद्रा बैंक, रांची का खाता बताया, जिसमें 90 लाख रुपये ट्रांसफर करने वाली थी। बैंक मैनेजर ने तुरंत खाता सत्यापन कराया। पता चला कि यह खाता अक्टूबर 2025 में खोला गया था और केवल बड़ी रकम के लेन-देन के लिए इस्तेमाल होता था।
असली बेटे से संपर्क कर मामला तय किया
बैंक मैनेजर ने महिला के विदेश में रहने वाले बेटे से संपर्क किया। बेटे ने पुष्टि की कि मां साइबर ठगों के जाल में फंस रही थीं। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर महिला को ट्रांजैक्शन से रोक दिया, और इस तरह उनकी जीवन भर की कमाई सुरक्षित रही।