Wednesday, July 1

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मेरठ के सठला में पुलिस पर हमले के बाद SSP का सख्त एक्शन, दारोगा-सिपाही निलंबित, गांव में PAC तैनात

 

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मेरठ। मवाना थाना क्षेत्र के सठला गांव में पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में दारोगा सौरव रावत और सिपाही सुनील को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 

इसके साथ ही सठला चौकी प्रभारी संदीप कुमार को पद से हटाते हुए सुमित तोमर को नया चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चौकी पर एक अतिरिक्त इंस्पेक्टर की भी तैनाती की गई है।

 

40 अपराधी चिन्हित, 11 की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश

 

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि सठला गांव में सक्रिय 40 अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 11 के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने के आदेश दिए गए हैं। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गांव में स्थायी पुलिस चौकी भवन के निर्माण हेतु भूमि भी चिन्हित कर ली गई है, जहां शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

 

गांव में PAC तैनात, ड्रोन से निगरानी

 

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सठला गांव में एक प्लाटून पीएसी तैनात कर दी गई है, जो लगातार गश्त कर रही है। गुरुवार को एसएसपी स्वयं भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। इस दौरान एसपी देहात अभिजीत सिंह, सीओ, थाना प्रभारी और पीएसी बल के साथ पैदल मार्च कर ग्रामीणों को सख्त संदेश दिया गया।

 

स्थिति पर कड़ी नजर रखने के लिए पुलिस ने दो ड्रोन भी उड़ाए, जिनकी मदद से घरों की छतों पर रखे ईंट-पत्थरों की निगरानी की गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

 

क्या है पूरा मामला

 

घटना मंगलवार रात की है। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी नितिन को बंधक बनाकर पीटे जाने की सूचना पर सठला पुलिस चौकी की टीम निजी कार से मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि सठला निवासी तलहा, उसका दिव्यांग भाई अब्दुल कादिर और दिल्ली निवासी गुलाब उर्फ यासिर ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

 

हमले के दौरान पुलिसकर्मियों की दो सरकारी पिस्टल छीन ली गईं, उनकी वर्दी फाड़ दी गई और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।

 

सूचना मिलते ही सीओ और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

 

30 लाख के लेन-देन से जुड़ा है विवाद

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि नितिन और आरोपी तलहा के बीच करीब 30 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपियों ने 18 लाख रुपये पहले ही दे दिए थे, जबकि शेष 12 लाख रुपये को लेकर नितिन को बुलाकर बंधक बनाया गया और बेरहमी से पिटाई की गई। हमले में सरिए से नितिन का पैर तोड़ दिया गया। घायल नितिन का इलाज फिलहाल एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

 

 

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