Tuesday, August 11

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मिथिला के कथावाचक श्रवण दास पर पोक्सो का शिकंजा, नाबालिग से दुष्कर्म व जबरन गर्भपात का गंभीर आरोप

 

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दरभंगा।

मिथिला क्षेत्र के चर्चित कथावाचक श्रवण दास और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा के खिलाफ दरभंगा महिला थाने में पोक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने से हड़कंप मच गया है। नाबालिग पीड़िता की मां के आवेदन पर दर्ज इस मामले ने धार्मिक आड़ में अपराध और प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता और उसकी मां बीते कई दिनों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं। मामला मीडिया में सामने आने के बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। सदर डीएसपी राजीव कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पोक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कांड संख्या 182/25 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

 

किराए के कमरे में शोषण, शादी का झांसा

प्राथमिकी के मुताबिक, कथावाचक श्रवण दास पीड़िता के घर में ही किराए पर कमरा लेकर रहता था। आरोप है कि घर में किसी के न होने का फायदा उठाकर उसने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा दिया और करीब एक वर्ष तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इसी दौरान लड़की के गर्भवती होने पर दो बार जबरन दवाइयां खिलाकर गर्भपात कराया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।

 

बंद कमरे में शादी का वीडियो वायरल

इस सनसनीखेज मामले में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचक श्रवण दास कथित तौर पर पीड़िता के साथ बंद कमरे में शादी करता दिखाई दे रहा है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि 29 नवंबर 2024 को मौनी बाबा ने अपने भतीजे श्रवण दास की यह शादी करवाई और बाद में मामले को दबाने के लिए परिवार पर दबाव बनाया गया।

 

अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल और जान से मारने की धमकी

पीड़िता की मां ने आवेदन में आरोप लगाया है कि कथावाचक ने नाबालिग की अश्लील तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। विरोध करने पर 8–10 लोगों के साथ घर आकर जान से मारने की धमकी दी गई और केस दर्ज न कराने का दबाव बनाया गया। शुरुआत में जब गुरु मौनी बाबा से शिकायत की गई तो लड़की के बालिग होने पर शादी कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया।

 

जांच तेज, मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे

डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच वे स्वयं कर रहे हैं। पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है और फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम साक्ष्य जुटा रही है। जल्द ही न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

इस प्रकरण ने न सिर्फ धार्मिक मंचों की आड़ में हो रहे अपराधों को उजागर किया है, बल्कि यह भी सवाल खड़े किए हैं कि पीड़ितों को न्याय पाने के लिए मीडिया का सहारा क्यों लेना पड़ता है।

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