Monday, June 22

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चिनाब नदी पर भारत के नए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से पाकिस्तान में कोहराम, सीनेटर शेरी रहमान भड़कीं
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चिनाब नदी पर भारत के नए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से पाकिस्तान में कोहराम, सीनेटर शेरी रहमान भड़कीं

  इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत द्वारा चिनाब नदी पर नए हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के बाद पाकिस्तान में भारी प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान की प्रमुख नेता और सीनेटर शेरी रहमान ने कहा है कि "पानी का हथियार के तौर पर इस्तेमाल न तो समझदारी है और न ही मंजूर।"   पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि "भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।" उन्होंने चेताया कि यह एकतरफा कदम पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का विषय है।   चिनाब पर भारत के प्रोजेक्ट से पाकिस्तान में खलबली शेरी रहमान ने आगे कहा कि "भारत सिंधु बेसिन में सवालकोट, रैटल, बुरसर, पाकल दुल, क्वार, किरू और कीरथाई जैसे विवादित हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स तेजी से पूरा करने जा ...
अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नए सख्त नियम लागू, जानें क्या-क्या बदला और भारतीयों पर असर
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अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नए सख्त नियम लागू, जानें क्या-क्या बदला और भारतीयों पर असर

  वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका में ग्रीन कार्ड धारकों के लिए नए सख्त यात्रा और इमिग्रेशन नियम 26 दिसंबर 2025 से लागू हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा तैयार ये नियम न सिर्फ नए आवेदकों पर, बल्कि पहले से ग्रीन कार्ड रखने वाले गैर-अमेरिकी नागरिकों पर भी लागू होंगे। भारतीय ग्रीन कार्डधारकों के लिए इन बदलावों को समझना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं।   नए नियमों के मुख्य बदलाव:   अमेरिकी सीमा अधिकारियों को अब हर गैर-अमेरिकी नागरिक की अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर कड़ी निगरानी का अधिकार है। बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली पूरी तरह लागू होगी। इसमें फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन शामिल हैं। 19 देशों के ग्रीन कार्डधारकों पर अतिरिक्त समीक्षा की जाएगी, जिनमें भारत के पड़ोसी म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। एयरपोर्ट से लेकर जमीनी सीमा...
यूएई राष्ट्रपति के पाकिस्तान दौरे में सरकार की अनदेखी, सिर्फ निजी कार्यक्रम और फोटोशूट तक सीमित रही मुलाकात
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यूएई राष्ट्रपति के पाकिस्तान दौरे में सरकार की अनदेखी, सिर्फ निजी कार्यक्रम और फोटोशूट तक सीमित रही मुलाकात

इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान के पाकिस्तान दौरे से पहले बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन यह यात्रा पाकिस्तान के लिए ठंडा पानी साबित हुई। शेख मोहम्मद बिन जायद रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से केवल चार-पांच मिनट की शिष्टाचार बैठक के लिए मिले। इस दौरान सिर्फ हालचाल जानने और फोटो खिंचाने तक ही सीमित बातचीत हुई। कोई औपचारिक समझौता, मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) या द्विपक्षीय डील नहीं हुई।   CNN-News18 के सीनियर डिप्लोमैटिक सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा पूरी तरह से निजी था। शेख मोहम्मद ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात नहीं की और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ भी केवल शिष्टाचार बैठक तक ही सीमित रहे। पाकिस्तान की सरकार के प्रयासों और उत्साह के बावजूद, यूएई राष्ट्रपति ने उन्हें...
इस्लाम के नाम पर भारत के पड़ोसियों को फांस रहा तुर्की, खलीफा का दक्षिण एशिया में नापाक ‘ऑटोमन’ प्लान
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इस्लाम के नाम पर भारत के पड़ोसियों को फांस रहा तुर्की, खलीफा का दक्षिण एशिया में नापाक ‘ऑटोमन’ प्लान

    अंकारा/नई दिल्ली: तुर्की का दक्षिण एशिया में बढ़ता प्रभाव अब सिर्फ भूराजनीतिक नहीं रह गया है, बल्कि इस्लाम के नाम पर भावनात्मक और रणनीतिक खेल में बदल गया है। इतिहास गवाह है कि 16वीं सदी में ओटोमन साम्राज्य ने पुर्तगालियों और सफवी ईरान के खिलाफ संतुलन बनाने के लिए भारतीय शक्तियों से गठजोड़ किया था। उस समय तुर्की ने बाबर को तोपें और बारूद मुहैया कराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखने में मदद की थी।   आज, ओटोमन साम्राज्य के उत्तराधिकारी तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप एर्दोगन वही रणनीति दोहराने में जुटे हैं। भारत के पड़ोसी मुस्लिम देशों—पाकिस्तान, बांग्लादेश, मालदीव और अजरबैजान—के साथ करीबी संबंध बना कर वे क्षेत्र की भूराजनीति पर अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, 10 नवंबर को लाल किले पर हुए बम धमाके में तुर्की की विचारधारा और उसके हैंडलर की भूमिक...
सोमालीलैंड में इजरायली मौजूदगी हुई तो हमला तय: हूतियों की खुली धमकी लाल सागर से लेकर हॉर्न ऑफ अफ्रीका तक बढ़ा तनाव
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सोमालीलैंड में इजरायली मौजूदगी हुई तो हमला तय: हूतियों की खुली धमकी लाल सागर से लेकर हॉर्न ऑफ अफ्रीका तक बढ़ा तनाव

  सना/तेल अवीव। यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने इजरायल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इजरायली सेना ने सोमालीलैंड में कोई भी कदम रखा, तो उसे सैन्य लक्ष्य मानकर हमला किया जाएगा। हूती नेतृत्व का यह धमकीभरा बयान इजरायल द्वारा सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने के फैसले के बाद सामने आया है।   हूती प्रमुख अब्दुलमलिक अल‑हूती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोमालीलैंड में किसी भी तरह की इजरायली सैन्य या सुरक्षा मौजूदगी को वे अपनी सशस्त्र सेनाओं के लिए वैध लक्ष्य मानेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम सोमालिया और यमन के खिलाफ सीधी आक्रामकता है और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।   “खतरनाक और शत्रुतापूर्ण फैसला”   अब्दुलमलिक अल‑हूती ने इजरायल के फैसले को “खतरनाक और शत्रुतापूर्ण” करार देते हुए कहा कि...
तालिबान-ताजिकिस्तान सीमा पर तनाव चरम पर, अफगानिस्तान से हमलों में चीनी नागरिकों की मौत, क्षेत्र में बढ़ सकती है अशांति
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तालिबान-ताजिकिस्तान सीमा पर तनाव चरम पर, अफगानिस्तान से हमलों में चीनी नागरिकों की मौत, क्षेत्र में बढ़ सकती है अशांति

काबुल/दुशांबे: मध्य एशिया में ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ता ही जा रहा है। ताजिकिस्तान ने पिछले एक महीने में अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत से तीसरी बार सीमा पार हमला होने की जानकारी दी है, जिसमें कई सैनिकों की जान गई। इन हमलों में ताजिकिस्तान के शमसुद्दीन शोखिन जिले में कम से कम पांच लोग मारे गए, जिनमें तीन कथित आतंकवादी शामिल थे।   चीनी नागरिकों पर भी हमला हमलों में कई चीनी मजदूरों की भी मौत हुई, जो ताजिकिस्तान में खनन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे थे। ताजिकिस्तान में चीनी कंपनियों के अनेक बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसमें सड़क, सुरंग, बिजली परियोजनाएँ और सोने की खदानें शामिल हैं। इस कारण हमलों का मकसद क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाना और तालिबान सरकार की सुरक्षा क्षमता पर सवाल उठाना माना जा रहा है।   तालिबान और ताजिकिस्तान के बीच नाज़ुक रिश्ते...
बिस्किट से टीवी सीरियल तक: बलूच नेता ने पाकिस्तानी सेना के बिजनेस साम्राज्य की पोल खोली
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बिस्किट से टीवी सीरियल तक: बलूच नेता ने पाकिस्तानी सेना के बिजनेस साम्राज्य की पोल खोली

  इस्लामाबाद/नई दिल्ली: बलूचिस्तान के कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने पाकिस्तान की सेना पर बड़ा खुलासा किया है। उनके मुताबिक पाकिस्तानी सेना सिर्फ देश की रक्षा में नहीं, बल्कि व्यवसाय और आर्थिक ताकत बढ़ाने में ज्यादा रुचि रखती है। मीर ने बताया कि सेना बिस्किट, टीवी ड्रामा, बेकरियों, बैंकों, रियल एस्टेट और अनाज जैसी कई इंडस्ट्रीज में सक्रिय है, जबकि युद्ध के मैदान पर उसका रिकॉर्ड बेहद खराब है।   सेना बन चुकी सबसे बड़ी कारोबारी संस्था: मीर यार ने कहा कि पाकिस्तान की सेना देश का सबसे बड़ा व्यवसायी समूह है, जो अरबों रुपये का कारोबार कर रहा है, जबकि देश की अर्थव्यवस्था डूबती जा रही है और मदद की गुहार लगाती रही। गरीब और संकटग्रस्त देश में सेना मुनाफे पर केंद्रित है, न कि नागरिक सुरक्षा या युद्ध में सफलता पर।   युद्ध में कमजोर, न्यूक्लियर हथियारों में मुनाफा: बलूच नेता ने कहा कि ...
50 साल पुराने दस्तावेज खुलासा: अमेरिका हमेशा से रहा पाकिस्तान का पक्षधर, भारत को कमजोर करने की रणनीति में जुटा
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50 साल पुराने दस्तावेज खुलासा: अमेरिका हमेशा से रहा पाकिस्तान का पक्षधर, भारत को कमजोर करने की रणनीति में जुटा

  वॉशिंगटन/नई दिल्ली: जून 1972 में भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के संस्थापक आर.एन. काओ और तत्कालीन भारतीय सेना प्रमुख जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) सैम मानेकशॉ के बीच हुई एक आधिकारिक बातचीत के दस्तावेजों से अमेरिका की दक्षिण एशिया में पाकिस्तान-पक्षधर नीति और भारत को कमजोर करने की रणनीति उजागर हुई है।   डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, अमेरिका हमेशा से पाकिस्तान को मजबूत देखना चाहता था ताकि भारत के बढ़ते प्रभाव को संतुलित किया जा सके। काओ ने अपने टॉप सीक्रेट नोट में मानेकशॉ को चेताया था कि अमेरिका और चीन दोनों कश्मीर विवाद पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं और इस तनाव को बनाए रखना उनके हित में है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद भारत ने दक्षिण एशिया में अपनी सैन्य शक्ति का दावा किया, लेकिन अमेरिका इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था।   CIA की गुप्त गति...
सोमालीलैंड को मान्यता देने पर इजरायल घिरा, मुस्लिम देशों में आक्रोश, अफ्रीकी यूनियन की कड़ी चेतावनी
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सोमालीलैंड को मान्यता देने पर इजरायल घिरा, मुस्लिम देशों में आक्रोश, अफ्रीकी यूनियन की कड़ी चेतावनी

  सोमालिया से अलग हुए क्षेत्र सोमालीलैंड को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने के इजरायल के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस घोषणा के बाद मुस्लिम देशों में नाराजगी साफ दिख रही है, वहीं अफ्रीकी यूनियन (AU) और सोमालिया ने इसे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है।   सोमालिया सरकार ने इजरायल के इस कदम को अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया है। सोमालिया के विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि यह फैसला जानबूझकर उठाया गया है और इससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सोमालीलैंड आज भी सोमालिया गणराज्य का अभिन्न हिस्सा है।   मुस्लिम देशों की तीखी प्रतिक्रिया   सोमालिया के करीबी सहयोगी तुर्की ने भी इजरायल की कार्रवाई की कड़ी निंद...
थाईलैंड–कंबोडिया सीमा पर तत्काल युद्धविराम, हफ्तों की खूनी झड़पों के बाद बनी सहमति
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थाईलैंड–कंबोडिया सीमा पर तत्काल युद्धविराम, हफ्तों की खूनी झड़पों के बाद बनी सहमति

  थाईलैंड और कंबोडिया ने कई हफ्तों से जारी खूनी सीमा संघर्ष के बाद आखिरकार तत्काल युद्धविराम पर सहमति जता दी है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, यह युद्धविराम स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे से प्रभावी हो गया है। इसके तहत सीमा क्षेत्रों में सभी सैन्य गतिविधियों और सैनिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।   बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक कम से कम 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 10 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। युद्धविराम समझौते में यह भी प्रावधान किया गया है कि सीमावर्ती इलाकों से विस्थापित लोगों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाएगी।   संयुक्त बयान में कहा गया है कि यदि यह युद्धविराम 72 घंटे तक कायम रहता है, तो थाईलैंड अपनी हिरासत में मौजूद 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा करेगा। सैनिकों की रिहाई अक्टू...