Wednesday, June 17

This slideshow requires JavaScript.

खरगोन बाईपास का अचानक निरीक्षण: PWD मंत्री ने अधिकारियों पर बरसाई गाज, अधीक्षण यंत्री निलंबित

मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार रात राष्ट्रीय राजमार्ग-347 पर निर्माणाधीन खरगोन बाईपास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंभीर निर्माण खामियां सामने आने पर मंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों में हड़कंप मच गया।

This slideshow requires JavaScript.

निरीक्षण में मंत्री सिंह के साथ चीफ इंजीनियर बी.पी. बोरासी, इंदौर क्षेत्र के चीफ इंजीनियर सी.एस. खरत, चीफ इंजीनियर (भवन) सुरेंद्र राव गौरखेड़े और अधीक्षण यंत्री मयंक शुक्ला मौजूद थे। तकनीकी परीक्षण में बाईपास के चार स्थानों पर DBM की मोटाई मानक अनुसार मिली, लेकिन कॉम्पेक्शन असंतोषजनक पाया गया। शोल्डर पर प्रयुक्त पत्थर का आकार मानक 50 mm से बड़ा था, जो गुणवत्ताहीन निर्माण की ओर इशारा करता है।

निर्माण सामग्री के सैंपल लेने के दौरान यह भी पता चला कि निर्धारित मापदंडों के अनुरूप बैग उपलब्ध नहीं थे। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही माना और अधीक्षण यंत्री विजय सिंह पवार को तत्काल निलंबित कर दिया। उपयंत्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग को निर्देश जारी किए गए।

सुपरविजन कंसल्टेंट ICON पर भी कार्रवाई होगी। मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply