Monday, May 25

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ट्रंप के टैरिफ का असर होगा सीमित — भारत की नई रणनीति से दिखने लगे सकारात्मक संकेत, पीएम मोदी ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

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नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से लगाए गए ऊंचे टैरिफ (शुल्क) के बावजूद भारत के निर्यात पर इसका असर सीमित रखने के लिए सरकार ने नई रणनीति पर काम तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को शीर्ष निर्यात संगठनों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क के असर को कम करने और नए निर्यात बाजारों के विस्तार पर चर्चा की गई।

बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन, और टेक्सटाइल, एमएसएमई, वाणिज्य तथा समुद्री उत्पाद मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक में टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी और समुद्री उत्पाद उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

नई रणनीति पर काम शुरू — डाइवर्सिफिकेशन बनेगा भारत की ताकत

अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 प्रतिशत तक के टैरिफ ने भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों — विशेष रूप से टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग और समुद्री उत्पाद सेक्टर — को चुनौती दी है। हालांकि सरकार ने निर्यात बाजारों में विविधता (Diversification) लाकर इस झटके को कम करने की योजना बनाई है।

सरकार ने निर्यातकों से आग्रह किया है कि वे अमेरिका पर निर्भरता घटाकर यूरोप, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे नए बाजारों पर ध्यान केंद्रित करें।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले महीनों में यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड और चिली के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भारतीय उत्पादों के लिए नए द्वार खोल सकते हैं।

नई नीतियों का असर दिखना शुरू

सरकार द्वारा जीएसटी दरों में सुधार और नई व्यापार नीतियों के चलते भारतीय निर्यात में सकारात्मक रुझान दिखाई देने लगा है।
जहां अमेरिका को कपड़े और समुद्री उत्पादों का निर्यात कुछ घटा है, वहीं फ्रांस, जापान और वियतनाम जैसे देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रेटजी का प्रारंभिक परिणाम है, जो आने वाले महीनों में और मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री का संदेश — “निर्यात में आत्मनिर्भरता ही असली शक्ति”

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अपनी प्रतिस्पर्धा और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे “नई संभावनाओं की पहचान करें और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के जरिए भारत की साख को और मजबूत करें।भारत सरकार का लक्ष्य — अमेरिकी टैरिफ के असर को न्यूनतम करना और वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।

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