
इस्लामाबाद: पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया और इंटरनेट ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए फायरवॉल (Firewall) सिस्टम को हटाने का बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रोजेक्ट अपने उद्देश्यों में विफल रहा और देश को अरबों रुपये का आर्थिक नुकसान भी हुआ। इंटरनेट की धीमी गति के कारण फ्रीलांसर्स और IT सेक्टर पर भी नकारात्मक असर पड़ा।
फायरवॉल हटाने का कारण
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पिछले साल ही इंस्टॉल किया गया यह सिस्टम अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया। अधिकारी मानते हैं कि फायरवॉल से इंटरनेट स्पीड पर बुरा असर पड़ा, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स के लिए काम करने वाले फ्रीलांसर्स प्रभावित हुए। इस तकनीकी असफलता और बढ़ते आर्थिक नुकसान के चलते सरकार ने इसे स्थायी रूप से हटाने का निर्णय लिया।
सरकार का उद्देश्य
पाकिस्तान सरकार का ध्यान अब AI, IT और टेलीकॉम सेक्टर में निवेश आकर्षित करने पर है। फायरवॉल जैसी तकनीक पर खर्च करना, जो सही परिणाम नहीं देती, अब प्राथमिकता में नहीं है। फायरवॉल हटाने से देश का डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा और टेलीकॉम सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लौटेगा।
फायरवॉल क्या है?
फ़ायरवॉल एक डिजिटल सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह किसी नेटवर्क में आने और जाने वाले डेटा पर नजर रखता है और तय करता है कि कौन सा डेटा स्वीकार किया जाए और किसे ब्लॉक किया जाए। इसे इंटरनेट और कंप्यूटर/नेटवर्क के बीच एक ‘गेटकीपर’ के रूप में समझा जा सकता है।
5G नीलामी के लिए अहम कदम
फायरवॉल हटाने का फैसला 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी से पहले लिया गया है। इससे पाकिस्तान के डिजिटल विस्तार और टेलीकॉम सेक्टर की मजबूती में मदद मिलेगी। अधिकारी आशा कर रहे हैं कि इस कदम से निवेशकों का भरोसा लौटेगा और देश की IT तथा फ्रीलांस इकॉनमी को नया विस्तार मिलेगा।
