Saturday, February 7

नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026: ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू हो रहा है। यह परीक्षा देशभर में राष्ट्रीय स्तर पर कराई जाती है और इससे सिर्फ IIT, NIT में MTech या PhD एडमिशन ही नहीं बल्कि कई अन्य करियर ऑप्शन्स भी खुलते हैं। GATE परीक्षा क्या है? GATE देश की प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे IISc और सभी IITs मिलकर आयोजित करते हैं। इस साल GATE 2026 का आयोजन IIT गुवाहाटी कर रहा है। यह परीक्षा इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, साइंस, आर्किटेक्चर और अन्य विषयों में अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए होती है। GATE का महत्व – सिर्फ MTech या PhD नहीं GATE क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए विकल्प IIT-NIT में एमटेक या PhD तक सीमित नहीं हैं। यह स्कोर सरकारी नौकरियों, PSU भर्ती, रिसर्च और स्कॉलरशिप में भी प्राथमिकता दिलाता है। इसके जरिए विद्यार्थी DRDO, ISRO, BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीटेक के बाद GATE पास करने के 5 बड़े फायदे: शैक्षिक अवसर: GATE स्कोर टॉप IITs, NITs और अन्य सरकारी संस्थानों में MTech और PhD एडमिशन दिलाने में मदद करता है। सरकारी नौकरियां: GATE क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों को PSU और सरकारी भर्ती में प्राथमिकता मिलती है। रिसर्च अवसर: DRDO, ISRO और BARC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च रोल्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप: MTech या PhD प्रोग्राम के दौरान स्टूडेंट्स को हर महीने स्टाइपेंड या स्कॉलरशिप प्राप्त होती है। विदेश में अवसर: वैध GATE स्कोर के जरिए विदेश में उच्च अध्ययन और रिसर्च के लिए आवेदन किया जा सकता है। यह तकनीकी और अकादमिक करियर दोनों में उपयोगी है। GATE 2026 परीक्षा शेड्यूल: इस साल GATE परीक्षा 7, 8, 14 और 15 फरवरी 2026 को कंप्यूटर मोड में आयोजित होगी। परीक्षा दो शिफ्टों में होगी – पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक। बीटेक के बाद करियर की दिशा तय करने वाले छात्रों के लिए GATE क्वालिफिकेशन शिक्षा, नौकरी और रिसर्च के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है।

सिडनी, 6 फरवरी 2026: ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के बीच हायर एजुकेशन के लिए सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन चुका है। हर साल हजारों भारतीय यहां बैचलर्स, मास्टर्स और डॉक्टोरल कोर्सेस के लिए आते हैं। कई सालों की मेहनत के बाद छात्रों को डिग्री मिलती है और उसके बाद सबसे बड़ा सवाल होता है – ऑस्ट्रेलिया में जॉब कैसे शुरू करें?

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ऑस्ट्रेलिया में जॉब करने का वीजा:
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा (Subclass 485) उपलब्ध है। यह वीजा छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई वर्कफोर्स का हिस्सा बनने की अनुमति देता है और आगे चलकर अन्य वर्क वीजा के लिए भी पात्र बनाता है।

टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा के स्ट्रीम:

  1. पोस्ट-हायर एजुकेशन स्ट्रीम: बैचलर्स, मास्टर्स या डॉक्टोरल कोर्स करने वाले छात्रों के लिए।

  2. पोस्ट-वोकेशनल एजुकेशन स्ट्रीम: वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग (VET) या ट्रेड्स प्रोग्राम करने वाले छात्रों के लिए।

वीजा की अवधि:

  • बैचलर्स और मास्टर्स: 2 साल

  • रिसर्च मास्टर्स/PhD: 3 साल

  • VET क्वालिफिकेशन: 18 महीने

  • कुछ छात्रों को अतिरिक्त 12 महीने की अनुमति भी मिल सकती है।

वीजा के लिए आवेदन कैसे करें:

  • डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: एजुकेशनल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, हेल्थ और कैरेक्टर सर्टिफिकेट, इंग्लिश टेस्ट रिजल्ट।

  • स्ट्रीम चुनें: अपनी योग्यता के अनुसार सही स्ट्रीम का चुनाव करें।

  • ऑनलाइन फॉर्म भरें: ImmiAccount पोर्टल पर एप्लिकेशन फॉर्म भरें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और एप्लिकेशन फीस (2300 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) जमा करें।

  • स्टेटस चेक करें: गृह विभाग आपके डॉक्यूमेंट्स का मूल्यांकन करेगा।

ध्यान देने योग्य बातें:

  • उम्र सीमा 35 साल, रिसर्च मास्टर्स/PhD के लिए 50 साल

  • कोर्स खत्म होने के 6 महीने के भीतर आवेदन

  • कोर्स का CRICOS रजिस्टर्ड होना जरूरी

  • इंग्लिश टेस्ट (IELTS 6.5, TOEFL या PTE) पास होना जरूरी

ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी करने के बाद यह वीजा छात्रों के लिए स्थायी करियर की राह खोलता है और उन्हें यहां नौकरी पाने के अवसर प्रदान करता है।

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