
सिडनी, 6 फरवरी 2026: ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के बीच हायर एजुकेशन के लिए सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन चुका है। हर साल हजारों भारतीय यहां बैचलर्स, मास्टर्स और डॉक्टोरल कोर्सेस के लिए आते हैं। कई सालों की मेहनत के बाद छात्रों को डिग्री मिलती है और उसके बाद सबसे बड़ा सवाल होता है – ऑस्ट्रेलिया में जॉब कैसे शुरू करें?
ऑस्ट्रेलिया में जॉब करने का वीजा:
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी करने वाले स्टूडेंट्स के लिए टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा (Subclass 485) उपलब्ध है। यह वीजा छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलियाई वर्कफोर्स का हिस्सा बनने की अनुमति देता है और आगे चलकर अन्य वर्क वीजा के लिए भी पात्र बनाता है।
टेंपरेरी ग्रेजुएट वीजा के स्ट्रीम:
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पोस्ट-हायर एजुकेशन स्ट्रीम: बैचलर्स, मास्टर्स या डॉक्टोरल कोर्स करने वाले छात्रों के लिए।
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पोस्ट-वोकेशनल एजुकेशन स्ट्रीम: वोकेशनल एजुकेशन और ट्रेनिंग (VET) या ट्रेड्स प्रोग्राम करने वाले छात्रों के लिए।
वीजा की अवधि:
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बैचलर्स और मास्टर्स: 2 साल
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रिसर्च मास्टर्स/PhD: 3 साल
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VET क्वालिफिकेशन: 18 महीने
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कुछ छात्रों को अतिरिक्त 12 महीने की अनुमति भी मिल सकती है।
वीजा के लिए आवेदन कैसे करें:
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डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: एजुकेशनल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, हेल्थ और कैरेक्टर सर्टिफिकेट, इंग्लिश टेस्ट रिजल्ट।
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स्ट्रीम चुनें: अपनी योग्यता के अनुसार सही स्ट्रीम का चुनाव करें।
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ऑनलाइन फॉर्म भरें: ImmiAccount पोर्टल पर एप्लिकेशन फॉर्म भरें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और एप्लिकेशन फीस (2300 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) जमा करें।
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स्टेटस चेक करें: गृह विभाग आपके डॉक्यूमेंट्स का मूल्यांकन करेगा।
ध्यान देने योग्य बातें:
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उम्र सीमा 35 साल, रिसर्च मास्टर्स/PhD के लिए 50 साल
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कोर्स खत्म होने के 6 महीने के भीतर आवेदन
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कोर्स का CRICOS रजिस्टर्ड होना जरूरी
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इंग्लिश टेस्ट (IELTS 6.5, TOEFL या PTE) पास होना जरूरी
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई पूरी करने के बाद यह वीजा छात्रों के लिए स्थायी करियर की राह खोलता है और उन्हें यहां नौकरी पाने के अवसर प्रदान करता है।