
नई दिल्ली: बिहार में NEET छात्रा की मौत के मामले ने राजनीतिक उबाल पकड़ लिया है। पहले यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित था, लेकिन अब इसकी चिंगारी संसद तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद और नेता रविवार को संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए नीतीश सरकार और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहे थे।
क्यों नाराज हैं आरजेडी सांसद?
आरजेडी सांसदों का आरोप है कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार उदासीन है। सांसद मीसा भारती ने कहा, “हमने NEET छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है। नीतीश कुमार की सरकार जनता और महिलाओं के साथ अन्याय कर रही है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले की जांच को सीबीआई के हवाले कर सरकार खुद को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा।
बजट 2026 और बिहार की अनदेखी
आरजेडी नेताओं ने रविवार को पेश हुए आम बजट 2026 को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। नेता मनोज झा ने आरोप लगाया कि बिहार की मांग—राज्य को ‘विशेष राज्य का दर्जा’ देने की—को इस बजट में नजरअंदाज किया गया। उनका कहना था कि मोदी सरकार बिहार को लगातार अनदेखा कर रही है।
राजनीतिक चेतावनी
आरजेडी नेताओं के इस प्रदर्शन को ‘तेजस्वी सेना’ की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। उनका संदेश स्पष्ट है: बिहार में कानून और न्याय के मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सांसदों ने जनता और सरकार दोनों को चेतावनी दी कि बेटियों की सुरक्षा और राज्य की विकास योजनाओं की अनदेखी राजनीतिक प्रतिक्रिया का कारण बन सकती है।