
नई दिल्ली: भारत ने आर्मेनिया में अपनी रणनीतिक उपस्थिति और मजबूत कर दी है। भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान एक उच्च स्तरीय प्रतिमंडल के साथ चार दिवसीय यात्रा पर येरेवान पहुंचे हैं। उनका यह दौरा स्वदेशी गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप आर्मेनिया भेजे जाने के तुरंत बाद हो रहा है, जो पाकिस्तान और उसके सहयोगी देशों के लिए दोहरा झटका साबित हो रहा है।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया बल
आर्मेनिया दौरे के दौरान CDS अनिल चौहान ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ हेडक्वार्टर के अनुसार, यह दौरा साझा रणनीतिक हितों को बढ़ावा देने और लंबे समय तक चलने वाले रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप
दो हफ्ते पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया के लिए भारत में निर्मित गाइडेड पिनाका रॉकेट की पहली खेप रवाना की थी। यह रॉकेट पुणे स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। 2022 में आर्मेनिया ने भारत से चार पिनाका रॉकेट सिस्टम खरीदने के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये की डील की थी। पिनाका रॉकेट सिस्टम के अंतरराष्ट्रीय खरीदार के तौर पर आर्मेनिया भारत का पहला देश बन गया है।
पाकिस्तान को दोहरा झटका
आर्मेनिया की भौगोलिक स्थिति रूस, तुर्की और ईरान की सीमा के पास होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान ने हाल ही में आर्मेनिया के साथ कूटनीतिक संबंध बहाल करने की कोशिशें शुरू की थीं। ऐसे में भारत द्वारा पिनाका रॉकेट की डिलीवरी और CDS अनिल चौहान का आर्मेनिया दौरा पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती साबित हो रहा है। पहले उसके करीबी सहयोगी अजरबैजान के विरोधी को आधुनिक रॉकेट सिस्टम मिला, अब CDS का दौरा भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ती नजदीकी को दर्शाता है।
इस तरह भारत ने आर्मेनिया के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को मजबूत कर पाकिस्तान और उसके सहयोगियों को दोहरे झटके दिए हैं।