

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना महामारी के दौरान दर्ज जनप्रतिनिधियों पर मुकदमों को वापस लेने की अनुमति यूपी सरकार को दे दी है। इस सूची में कई बड़े और प्रतिष्ठित नेताओं के नाम शामिल हैं।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गंभीर आपराधिक आरोप नहीं हैं, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। यूपी सरकार ने इस संबंध में कुल 72 अर्जियां दाखिल की थीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने 28 मामलों को वापस लेने की मंजूरी दे दी है। शेष मामलों में गंभीर अपराध से जुड़े होने के कारण अंतिम फैसला 26 फरवरी को सुनाया जाएगा।
इन नेताओं को मिली राहत:
उमा भारती, महोबा
डॉ. संजीव बालियान, मुजफ्फरनगर
ठाकुर जयवीर सिंह, अलीगढ़
नीलम सोनकर, आजमगढ़
अनिल सिंह, उन्नाव
अशरफ अली खान, शामली
सीमा द्विवेदी, जौनपुर
अभिजीत सांगा, कानपुर नगर
विजेंद्र सिंह, बुलंदशहर
विवेकानंद पांडेय, कुशीनगर
मीनाक्षी सिंह, बुलंदशहर
जय मंगल कनौजिया, महराजगंज
राजपाल बालियान, मुजफ्फरनगर
प्रदीप चौधरी, हाथरस
प्रसन्न चौधरी, शामली
उमेश मलिक
सुरेश राणा
कुमार भारतेंदु
वेदप्रकाश गुप्ता
कोर्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया न्यायालयिक नियमों और कानून का पालन करते हुए की जा रही है। सरकार ने यह कदम कोरोना काल में जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए कार्यों के मद्देनजर उठाया है।


