
हापुड़, 2 फरवरी।
हापुड़ जिले के पिलखुवा थाना क्षेत्र में राजस्थान के चावल व्यापारी से हुई 64 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कड़ा रुख अपनाया है और थाना प्रभारी निरीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, घटना को अंजाम देने वाले बदमाश अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
बैंक से निकाले थे 64 लाख रुपये
राजस्थान के सीकर निवासी राकेश राजपूत अपने कारोबारी साझेदार वैभव शुक्ला से मिलने हापुड़ आए थे। दोनों ने रेलवे रोड स्थित एक बैंक शाखा से 64 लाख रुपये नकद निकाले और बाइक से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया।
एनएच-9 पर हथियारों के बल पर लूट
एनएच-9 पर पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र में स्कूटी सवार तीन बदमाशों ने हथियारों के बल पर व्यापारी से नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी समेत वरिष्ठ अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
200 सीसीटीवी कैमरों की जांच, फिर भी सुराग नहीं
बदमाशों की तलाश में पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। लूट के खुलासे में विफलता को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
लापरवाही पर डीआईजी का सख्त एक्शन
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अपराध नियंत्रण में विफलता, समुचित निगरानी न रखने और गश्त में लापरवाही को गंभीर मानते हुए पिलखुवा थाना प्रभारी निरीक्षक श्यौपाल सिंह, चौकी प्रभारी छिजारसी महंतराज यादव और चौकी प्रभारी एसपीडीए जितेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया।
एएसपी को सौंपी गई जांच
लूट की इस घटना से जुड़ी जांच और अनुशासनिक कार्रवाई की पूरी पत्रावली एडिशनल एसपी हापुड़ को सौंप दी गई है। साथ ही पिलखुवा सर्किल ऑफिसर (सीओ) द्वारा किए गए शिथिल पर्यवेक्षण की भी अलग से जांच के आदेश दिए गए हैं।