
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आज अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। दोनों धातुएँ पिछले सत्र में रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच चुकी थीं, लेकिन मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते कीमतें तेजी से गिर गईं। मात्र 90 मिनट के भीतर इन दोनों धातुओं का कुल मार्केट कैप 1.7 ट्रिलियन डॉलर कम हो गया।
कॉमेक्स पर पिछले सत्र में चांदी की कीमत 118 डॉलर प्रति औंस के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन 90 मिनट में यह गिरकर 103 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसी तरह सोना भी 5,100 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 5,004.1 डॉलर पर आ गया। अंततः सोने की कीमत 1.16% गिरकर $5,023.60 प्रति औंस और चांदी 6.41% गिरकर $108.095 प्रति औंस पर बंद हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह मुनाफावसूली और वैश्विक बाजार में अस्थिरता है। सोने और चांदी की कीमतें पिछले सालों में लगातार बढ़ रही थीं। इस साल भारत में सोने की कीमत लगभग 17% बढ़ी है, जबकि चांदी की कीमत में करीब 50% की तेजी दर्ज की गई।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरावट के बावजूद भारत में सोने और चांदी की कीमतों में अभी भी तेजी बनी हुई है। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में 20,000 रुपये से अधिक और सोने में 2,500 रुपये से अधिक की तेजी देखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार की उथल-पुथल, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और ट्रेड पॉलिसीज की अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी की ओर आकर्षित हो रहे हैं।