Monday, June 15

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धार भोजशाला में 10 साल बाद संयोग: मां वाग्देवी की पूजा और नमाज एक ही दिन, 8000 जवानों की तैनाती

 

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धार (मध्य प्रदेश): ऐतिहासिक भोजशाला में गुरुवार को सुबह से ही मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना प्रारंभ हो गई। दोपहर एक बजे से तीन बजे तक परिसर में जुमे की नमाज अदा की जाएगी। यह संयोग 10 साल बाद आया है जब पूजा और नमाज एक ही दिन हो रही हैं।

 

सुबह सूर्योदय के साथ ही वेद मंत्रों के साथ हवन-यज्ञ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हिंदू पक्ष को सूर्योदय से दोपहर एक बजे तक पूजा करने की अनुमति मिली, जबकि दोपहर एक से तीन बजे तक परिसर को जुमे की नमाज के लिए खाली रखा गया। इसके बाद शाम में पुनः पूजा-अर्चना का क्रम शुरू होगा।

 

भारी सुरक्षा व्यवस्था:

इस अवसर पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। भोजशाला और आसपास के संवेदनशील इलाकों में 8000 से अधिक पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है। परिसर के 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

 

कोर्ट के निर्देशों का पालन:

सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया कि पूजा सूर्योदय से दोपहर एक बजे और शाम तीन बजे से सूर्यास्त तक होगी, जबकि दोपहर एक से तीन बजे तक परिसर नमाज के लिए सुरक्षित रहेगा। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और पूजा शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

 

प्रवेश व्यवस्था:

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए हिंदू और मुस्लिम श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। परिसर में जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

 

ऐसा संयोग पहले 2006, 2013 और 2016 में भी आया था, जब पूजा और नमाज एक ही दिन हुई थीं। उन मौकों पर तनावपूर्ण हालात बने थे। प्रशासन ने पहले से व्यापक सुरक्षा इंतजाम करके किसी भी अप्रिय घटना को रोकने का प्रयास किया है।

 

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