Thursday, January 22

राजस्थान में पंचायत चुनाव समय पर होंगे, हाईकोर्ट ने विरोध याचिकाएं खारिज की

 

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जयपुर (संब्रत चतुर्वेदी): राजस्थान में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। राज्य हाईकोर्ट ने पंचायत परिसीमन और पुनर्गठन को चुनौती देने वाली 60 से अधिक याचिकाएं खारिज कर दी हैं और 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

 

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि परिसीमन और पुनर्गठन प्रशासनिक एवं नीतिगत प्रक्रिया हैं, जिनमें न्यायिक हस्तक्षेप लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। जस्टिस इंदरजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि हर चुनाव से पहले याचिकाओं के कारण देरी लोकतंत्र के हित में नहीं है।

 

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में पंचायत चुनाव 15 अप्रैल तक पूरे किए जाने आवश्यक हैं। किसी भी स्तर पर परिसीमन या पुनर्गठन में हस्तक्षेप चुनावी कार्यक्रम को प्रभावित कर सकता है।

 

हाईकोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इसी माह की शुरुआत में इसी तरह की याचिका खारिज करते हुए राजस्थान में परिसीमन और पुनर्गठन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी। इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अपने पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन पूरी करने और 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

 

इस फैसले के बाद राज्य में पंचायत चुनाव समय पर कराने की तैयारियां तेज होने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर परिसीमन से जुड़ी कानूनी अड़चनें समाप्त होने के बाद ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

 

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