
मुंबई। निर्देशक विशाल भारद्वाज की आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। गैंगस्टर हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर विशाल भारद्वाज ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा है कि फिल्म बनाने से पहले उस्तरा के परिवार से अनुमति लेने की उन्हें कोई जरूरत महसूस नहीं हुई।
दरअसल, हाल ही में रिलीज हुए ‘ओ रोमियो’ के ट्रेलर के बाद सनोबर शेख ने फिल्म के निर्माताओं पर उनके पिता की गलत और आपत्तिजनक छवि दिखाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजते हुए फिल्म की रिलीज रद्द करने और 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग भी की थी।
“किताब के अधिकार लिए, परिवार से अनुमति जरूरी नहीं”
ट्रेलर लॉन्च के मौके पर विशाल भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ नाम की एक किताब है, जिसे हुसैन जैदी साहब ने लिखा है। मैंने उसी कहानी के अधिकार लिए और उसके आधार पर यह फिल्म बनाई है। किरदार वही हैं, लेकिन फिल्म में काफी कुछ काल्पनिक भी है।”
उन्होंने आगे कहा,
“अगर किसी तरह की अनुमति की जरूरत थी, तो वह शायद लेखक को लेनी चाहिए थी। मुझे नहीं लगा कि मुझे अलग से परिवार से इजाजत लेने की आवश्यकता है, क्योंकि यह फिल्म एक प्रकाशित किताब की कहानी पर आधारित है।”
सनोबर शेख के आरोप
‘बॉलीवुड हंगामा’ की रिपोर्ट के अनुसार, सनोबर शेख ने आरोप लगाया है कि फिल्म को एक सच्ची घटना पर आधारित बताया जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किसकी जिंदगी पर यह कहानी आधारित है।
उन्होंने दावा किया था कि उनके पिता गैंगस्टर नहीं थे, बल्कि शहर को अपराध से मुक्त करना चाहते थे। सनोबर का कहना है कि फिल्म में उनके पिता की छवि जानबूझकर खराब की गई है, जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
फिल्म की रिलीज और स्टारकास्ट
‘ओ रोमियो’ में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे, जबकि नाना पाटेकर भी एक अहम किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
खास बात यह है कि इस फिल्म के जरिए विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर की सुपरहिट जोड़ी 10 साल बाद एक बार फिर साथ आ रही है। इससे पहले दोनों ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ जैसी चर्चित फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं।
निष्कर्ष
एक ओर जहां ‘ओ रोमियो’ अपनी दमदार स्टारकास्ट और कहानी को लेकर चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर हुसैन उस्तरा के परिवार के आरोपों ने फिल्म को कानूनी और नैतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि यह विवाद फिल्म की रिलीज और दर्शकों की प्रतिक्रिया पर कितना असर डालता है।