
जींद (हरियाणा): हरियाणा के जींद जिले के उचाना कलां में एक परिवार में 9 बेटियों के बाद बेटे के जन्म ने घर में खुशियों का माहौल बना दिया। दिहाड़ी मजदूर सुरेंद्र और उनकी पत्नी ऋतु के घर बेटे के जन्म से पूरे परिवार में उत्साह और उमंग का वातावरण है।
उचाना के नागरिक अस्पताल में स्टाफ नर्स सुमन लता ने महिला की सफल डिलीवरी करवाई। घरवालों ने अपने नवजात बेटे का नाम ‘दिलखुश’ रखा। पिता सुरेंद्र ने बताया कि जब भी उनकी पत्नी बेटियों को जन्म देती थीं तो आसपास के लोग कहते थे कि भगवान उन्हें बेटा दें। भगवान की कृपा से अब बेटे के जन्म से सभी को बड़ी खुशी मिली।
सुरेंद्र और ऋतु की शादी 23 साल पहले हुई थी। इससे पहले उनकी 9 बेटियां थीं। उनकी बेटियों के नाम हैं – कल्पना, आरती, भारती, खुशी, मानसू, रजनी, रजीव, काफी और माफी। बेटे के जन्म के बाद अब कुल 12 बहनों को भाई मिल गया है, जिसमें तीन बेटियां उनके भाई की सगी बहनों की नहीं, बल्कि ताऊ की हैं।
मां ऋतु ने कहा, “भगवान ने नौ बेटियों के बाद हमारे घर में बेटा दिया है। अब हमारे घर में छोटा बाबू आया है। हम बहुत खुश हैं और इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते।”
विशेष बात यह है कि यह मामला पिछले 15 दिनों में सामने आए दो ऐसे मामलों में से एक है, जिसमें दिहाड़ी मजदूरों की पत्नियों ने कई बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया। पहले वाले मामले में फतेहाबाद जिले के ढाणी भोजराज में संजय की पत्नी सुनीता ने 10 बेटियों के बाद बेटे को जन्म दिया था।
बेटे के जन्म से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण घर पहुंच कर नवजात को देखने और परिवार को बधाइयां देने पहुंचे।