Thursday, June 18

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‘गौतम गंभीर हाय-हाय’ के नारों से गूंजा स्टेडियम विराट कोहली भी रह गए हैरान, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इंदौर।
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 2-1 से हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को मैदान के बाहर भी तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले के बाद दर्शकों का गुस्सा खुलकर सामने आया, जब पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान स्टैंड्स से गौतम गंभीर हायहाय के नारे गूंजने लगे। यह दृश्य भारतीय क्रिकेट में दुर्लभ माना जा रहा है, जहां घरेलू दर्शकों ने अपने ही टीम के हेड कोच के खिलाफ इस तरह खुला विरोध दर्ज कराया।

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विराट कोहली का रिएक्शन बना चर्चा का विषय

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही नारेबाजी शुरू होती है, मैदान पर मौजूद सीनियर खिलाड़ी चौंक जाते हैं।
विराट कोहली, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और श्रेयस अय्यर उस समय मैदान पर ही खड़े थे। नारे सुनकर विराट कोहली के चेहरे पर हैरानी और असहजता साफ झलकती है। हालांकि वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फैंस के गुस्से ने टीम मैनेजमेंट की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।

गंभीर के कोचिंग कार्यकाल पर उठने लगे सवाल

गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से घरेलू मैदानों पर टीम इंडिया का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार इसलिए भी ज्यादा चौंकाने वाली है, क्योंकि

  • 37 साल बाद न्यूजीलैंड ने भारत में वनडे सीरीज जीती,
  • इससे पहले न्यूजीलैंड ही भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर चुका है।

इन नतीजों के बाद कोचिंग रणनीति, टीम संयोजन और सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

चयन प्रक्रिया और नेतृत्व पर भी नाराजगी

फैंस की नाराजगी सिर्फ कोच तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर चयन समिति और कप्तान शुभमन गिल के फैसलों पर भी तीखी बहस चल रही है।
विशेष रूप से संजू सैमसन के घरेलू रिकॉर्ड की तुलना गिल के वनडे फॉर्म से की जा रही है। आलोचकों का मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप से ठीक एक साल पहले टीम इंडिया की दिशा और रणनीति स्पष्ट नहीं दिख रही है।

बीसीसीआई के लिए चेतावनी की घंटी

2023 विश्व कप फाइनल तक पहुंचने वाली टीम का अपने ही घर में इस तरह संघर्ष करना और दर्शकों का खुला विरोध, बीसीसीआई के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
इंदौर में देखने को मिला यह दृश्य साफ संकेत देता है कि फैंस अब सिर्फ हार नहीं, बल्कि टीम की सोच, चयन और नेतृत्व में पारदर्शिता चाहते हैं।

भारतीय क्रिकेट में यह घटना एक चेतावनी हैअगर नतीजे और फैसले नहीं बदले, तो विरोध की आवाज और तेज हो सकती है।

 

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