Thursday, June 18

This slideshow requires JavaScript.

बाणगंगा मेले में संस्कृति के नाम पर फूहड़ता, अश्लील भोजपुरी गीतों पर बार-बालाओं के ठुमकों से मचा बवाल

शहडोल।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आस्था और संस्कृति का प्रतीक माने जाने वाले शहडोल जिले के ऐतिहासिक बाणगंगा मेले में इस वर्ष सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर फूहड़ता और अश्लीलता परोसे जाने का मामला सामने आया है। सोहागपुर स्थित बाणगंगा मैदान में आयोजित इस मेले में अर्धनग्न वेशभूषा में महिला डांसरों द्वारा अश्लील भोजपुरी गानों पर किए गए आपत्तिजनक नृत्य को लेकर तीखा विरोध शुरू हो गया है।

This slideshow requires JavaScript.

मेले में “नाचेगी पिंकी फुल टू लेट”, “कमरिया लॉलीपॉप लागेलू”, “आज टूटेगा कांवरिया”, “राजा जी बलम” जैसे फूहड़ और अश्लील गीतों पर मंच से ठुमके लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों द्वारा डांसरों पर नोट लुटाए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे पूरे आयोजन की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस मेले की पहचान धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से रही है, वहां इस तरह के अश्लील प्रदर्शन समाज को गलत संदेश देते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह रही कि इन कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंच के समीप कई अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, लेकिन किसी ने भी इस आपत्तिजनक कार्यक्रम को रोकने का प्रयास नहीं किया। इससे नगर पालिका की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बाणगंगा मेला एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला आयोजन है, जो विराट मंदिर परिसर से जुड़ा हुआ है। ऐसे पवित्र स्थल पर संस्कृति के नाम पर फूहड़ और अश्लील कार्यक्रम सनातन परंपराओं के खिलाफ हैं और इन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फूहड़ डांस के वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आमजन और सामाजिक संगठनों ने नगर पालिका से इस पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की गरिमा बनी रहे।

 

Leave a Reply