Tuesday, June 23

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H-1B वीजा के लिए 8 बार अप्लाई, फिर भी नहीं मिला, भारतीय वर्कर बोला: ‘पैरेंट्स भी नहीं समझ रहे मेरा हाल’

 

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अमेरिका में नौकरी पाने का सपना हर भारतीय स्टूडेंट और वर्कर का होता है। लेकिन H-1B वीजा पाना इतना आसान नहीं है। यह वीजा लॉटरी सिस्टम के जरिए मिलता है, जिसमें हाल ही में बदलाव भी किए गए हैं।

 

35 वर्षीय साईं (नाम बदलकर) ने इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि वह 11 साल पहले अमेरिका में पढ़ाई करने आए थे। उन्होंने मास्टर्स, फिर दूसरा मास्टर्स और अंत में पीएचडी की। इसके बावजूद H-1B वीजा के लिए 8 बार अप्लाई करने के बाद भी लॉटरी में कभी चुने नहीं गए।

 

साईं ने कहा, “मैंने मेहनत की, नियमों का पालन किया और स्थिर जीवन बनाने की कोशिश की। लेकिन वीजा न मिलने की अनिश्चितता ने मेरी जिंदगी को रोक दिया। हर बार जॉब चली गई और मुझे पीछे लौटना पड़ा। अब मैं भविष्य की चिंताओं में जी रहा हूँ।”

 

वीजा स्टेटस ने प्रभावित की व्यक्तिगत जिंदगी

साईं ने आगे कहा, “वीजा स्टेटस की वजह से मेरी अभी तक शादी नहीं हुई। कोई रिश्ता भी नहीं बनता क्योंकि कोई किसी ऐसे शख्स से शादी नहीं करना चाहता, जिसका वीजा स्टेटस स्थिर न हो। मेरी उम्र के लोग अब घर, बच्चे और करियर में आगे बढ़ चुके हैं, और मैं पीछे छूट गया हूँ।”

 

पैरेंट्स को समझाना सबसे मुश्किल

उन्होंने बताया, “मेरे पैरेंट्स मेरी स्थिति को पूरी तरह नहीं समझ पा रहे। वे मेरी तुलना दूसरों से करते हैं और पूछते हैं कि मैं अभी तक क्यों सेटल नहीं हुआ। यह बातें मुझे भीतर तक चोट पहुंचाती हैं।”

 

साईं ने यह कहानी साझा करने का उद्देश्य बताया: “मैं चाहता हूँ कि मेरे जैसे लोग, जो अमेरिका में अपने सपनों के पीछे हैं, यह समझें कि वे अकेले नहीं हैं।”

 

 

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