
कानपुर: दो साल पहले कानपुर के मेडिकल स्टोर संचालक प्रतीक शर्मा की लखनऊ के एक होटल में हत्या मामले में कोर्ट ने प्रतीक की पत्नी नेहा और उसके प्रेमी आयुष शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस केस में प्रतीक की सात वर्षीय बेटी की गवाही निर्णायक साबित हुई।
कोर्ट में बेटी ने बताया कि “मम्मी ने अंकल के साथ मिलकर पापा के पानी में कुछ मिलाया था। इसे पीने के बाद पापा के खर्राटे बंद हो गए थे।” जांच में सामने आया कि नेहा और आयुष ने प्रतीक को शराब में जहर मिलाकर पिला दिया था।
घटना की पृष्ठभूमि
किदवईनगर निवासी प्रतीक की शादी 2017 में अयोध्या की नेहा से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। 6 मार्च, 2024 को प्रतीक, नेहा और बच्चे लखनऊ गए थे। प्रतीक का दोस्त आयुष शर्मा भी उनके साथ था। 12 मार्च को नेहा बच्चों के साथ कानपुर लौट आई और प्रतीक के बारे में बहाना बनाया कि कार खराब हो गई है। 16 मार्च को नेहा बच्चों को लेकर दवा लेने गई और वापस नहीं लौटी।
आयुष का बढ़ता मेलजोल
प्रतीक के पिता पुनीत शर्मा ने बताया कि आयुष शर्मा मेडिकल स्टोर में दवा की कमीशन लेने के लिए आता था और धीरे-धीरे घर में भी आने-जाने लगा। कोर्ट का फैसला सुनकर पुनीत शर्मा भावुक हो गए और बोले, “अब बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी।”
हत्या के बाद धमकाया गया बच्चा
कोर्ट में बेटी ने आगे बताया कि हत्या के बाद नेहा ने उसे धमकाया था कि “सबसे कह देना कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई थी। पापा को आने में चार दिन लगेंगे। तुमने पापा के बारे में पूछा तो काट कर बाहर डाल देंगे।”