Friday, January 16

दुनिया में 39 करोड़ ईसाइयों से हिंसा, सबसे खतरनाक 15 देशों में भारत भी शामिल: वेटिकन का बड़ा दावा

वेटिकन सिटी: दुनियाभर में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न में खतरनाक बढ़ोतरी देखी गई है। गैर-लाभकारी संगठन ओपन डोर्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में 38.8 करोड़ (लगभग 39 करोड़) ईसाइयों को विभिन्न प्रकार के अत्याचार और हिंसा का सामना करना पड़ा। यह संख्या 2024 के मुकाबले 80 लाख अधिक है।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि इन 38.8 करोड़ पीड़ितों में 20.1 करोड़ महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि 11 करोड़ की उम्र 15 साल से कम यानी नाबालिग हैं। ओपन डोर्स ने बुधवार को अपनी वर्ल्ड वॉच लिस्ट 2026 प्रकाशित की, जिसमें दुनिया के उन 15 देशों को चिन्हित किया गया है, जहां ईसाइयों के साथ अत्याचार का स्तर सबसे अधिक है।

सबसे खतरनाक देशों की सूची:
उत्तर कोरिया में ईसाई होना सबसे खतरनाक माना गया है। इसके अलावा अत्याचार के उच्च स्तर वाले देशों में सोमालिया, इरिट्रिया, लीबिया, अफगानिस्तान, यमन, सूडान, माली, नाइजीरिया, पाकिस्तान, ईरान, भारत, सऊदी अरब, म्यांमार और सीरिया शामिल हैं। रिपोर्ट में भारत का नाम भी शामिल होने से यह स्पष्ट होता है कि देश में धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनने वाले लोगों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।

ओपन डोर्स के डायरेक्टर क्रिस्टियन नानी ने कहा, “सीरिया में अब केवल 3 लाख ईसाई बचे हैं, यानी दस साल पहले की तुलना में लाखों की कमी आई है।”

सबसहारा अफ्रीका में हालात चिंताजनक:
अफ्रीकी देशों में ईसाइयों के खिलाफ हिंसा में इजाफा हुआ है। 2025 में 4,849 ईसाइयों की हत्या हुई, जो 2024 की तुलना में बढ़ी है। हर दिन औसतन 13 हत्याएं होती हैं। नाइजीरिया में ही इन हत्याओं का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया। वहीं बलात्कार और जबरन शादी जैसी घटनाओं में भी वृद्धि हुई है।

भारत पर रिपोर्ट का दावा:
रिपोर्ट में भारत को 100 में 84 स्कोर दिया गया है और इसे 15 देशों की सूची में 12वें नंबर पर रखा गया है। इसमें कहा गया है कि भारत में धार्मिक राष्ट्रवाद की भावना के कारण धर्म परिवर्तन कर ईसाई बने लोगों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में सोशल मीडिया को भी इस समस्या को बढ़ाने वाला कारक बताया गया है, जहाँ झूठी खबरें और आरोप तेजी से फैलते हैं।

 

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