Friday, January 16

जनवरी में ही NCERT को मिलेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा, शुरू होंगे 5 नए पीजी कोर्स और मिलेंगे कई फायदे

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अब जल्द ही डीम्ड यूनिवर्सिटी बन जाएगी। अगले कुछ दिनों में UGC की बैठक में अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा जनवरी 2026 में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 1961 में स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित एनसीईआरटी अब ग्रेजुएशन, पीजी और पीएचडी डिग्री प्रदान करने में सक्षम होगा।

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NCERT डायरेक्टर प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT अन्य देशों के शिक्षण संस्थानों के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम और प्लेसमेंट की शुरुआत कर सकेगा।

यूनिवर्सिटी बनने से छात्रों को क्या फायदे होंगे?

  • एनसीईआरटी के क्षेत्रीय संस्थान अब विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं होंगे।
  • पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट का नया शेड्यूल तय होगा, जिससे समय पर परिणाम मिल सकेंगे।
  • पीएचडी कार्यक्रम शुरू होंगे और छात्र अपने रिसर्च पेपर प्रकाशित कर सकेंगे।
  • शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग और शोध किए जा सकेंगे।
  • मेन कैंपस का विस्तार होगा और हॉस्टल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

NCERT यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे ये 5 यूनीक पीजी कोर्स:

  1. एजुकेशनल असेसमेंट और साइकोमेट्रिक्स – स्कूल आधारित असेसमेंट और डेटा एनालिसिस के विशेषज्ञ तैयार करेगा।
  2. स्कूल गवर्नेंस और लीडरशिप – स्कूल हेड और सिस्टम लेवल के लीडर्स को प्रशिक्षित करेगा।
  3. एजुकेशनल टेक्नोलॉजी – डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षा में सुधार पर ध्यान देगा।
  4. मल्टीलिंगुअल एजुकेशन – भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुसार सीखने में मदद करने वाले विशेषज्ञ तैयार करेगा।
  5. करिकुलम डेवलपमेंट और इवैल्यूएशन – राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के अनुसार करिकुलम डिजाइन और समीक्षा के लिए विशेषज्ञ तैयार करेगा।

वैश्विक स्तर पर प्रभाव
एनसीईआरटी यूनिवर्सिटी बनने के बाद विदेशी संस्थानों से टाईअप आसान होगा। देश-विदेश में कैंपस खोले जा सकते हैं और आउटरीच प्रोग्राम चलाए जा सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को ट्रेनिंग और रिसर्च के बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य सरकारों के लिए भी लाभकारी साबित होगा।

 

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