
नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार समझौता लगभग पूरा होने के करीब है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि कुल 24 चैप्टर में से 20 पर दोनों पक्षों के बीच पूरी सहमति बन चुकी है। शेष कुछ मुद्दों पर बातचीत अभी चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह समझौता 26 जनवरी के आसपास होने वाले शिखर सम्मेलन में नेताओं की मुलाकात से पहले फाइनल होने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम घोषणा के बाद ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
अग्रवाल ने कहा, “हम लगातार बातचीत कर रहे हैं और कोशिश यह है कि हमारे नेता जब मिलें, तब तक शेष बचे मुद्दों को सुलझाया जा सके।”
सूत्रों के अनुसार, कार्बन टैक्स इस समय सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है। यह टैक्स उन उत्पादों पर लगाया जाता है जिनके उत्पादन में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली प्रक्रियाओं का उपयोग होता है। यह मुद्दा दोनों पक्षों के लिए अभी भी संवेदनशील है।
अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो भारत और EU के नेता 27 जनवरी को होने वाले शिखर सम्मेलन में इस समझौते की घोषणा कर सकते हैं। यह डील दोनों क्षेत्रों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान–प्रदान को आसान बनाएगी और निवेश को भी बढ़ावा देगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।
वहीं, अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बात करते हुए अग्रवाल ने कहा कि यह तब घोषित किया जाएगा जब दोनों पक्ष पूरी तरह तैयार होंगे। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत अभी भी जारी है और अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से लंबित मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।