Wednesday, May 27

This slideshow requires JavaScript.

गोंडा मेडिकल कॉलेज: चूहों का आतंक, मरीजों की जान को खतरा

 

This slideshow requires JavaScript.

 

गोंडा, विशाल चौबे: गोंडा जिला अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित हो चुका है, लेकिन यहां की व्यवस्था बदहाल होने से मरीजों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में ऑर्थोपेडिक वार्ड में चूहों का आतंक साफ दिखाई दे रहा है। चूहे न केवल फर्श पर, बल्कि ऑक्सीजन पाइपलाइन और मरीजों के बेड तक दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।

 

वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजन बताते हैं कि चूहों और यहां तक कि कुत्तों का भी आतंक है। चूहे दवाइयां और कपड़े तक काट देते हैं, जिससे मरीजों को गंभीर नुकसान हो रहा है। मरीजों का कहना है कि स्टाफ, नर्स और सफाईकर्मी वार्ड में नजर नहीं आते, जिससे शिकायत करना भी असंभव हो जाता है।

 

मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि वार्ड में चूहों की मौजूदगी मरीजों के तीमारदारों द्वारा लाए गए खाने के कारण होती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऑक्सीजन पाइपलाइन पर चूहों का दौड़ना और खुले घाव वाले मरीजों के पास चूहों की उपस्थिति सीधे जीवन के लिए खतरा है। इससे लेप्टोस्पायरोसिस और अन्य गंभीर संक्रमण फैलने का जोखिम बना रहता है।

 

साफ-सफाई के लिए हर महीने लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद यह स्थिति अस्पताल की प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मरीजों के परिजनों का कहना है कि प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि मरीजों के इलाज के दौरान ऐसे खतरों को पूरी तरह खत्म करे।

 

गोंडा मेडिकल कॉलेज की यह बदहाली न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी चेतावनी है।

 

 

Leave a Reply